पीएम मोदी के बंगाल दौरे के बाद चंदूभाई विरानी ने बाजार में उतारा नया प्रोडक्ट, 10 रुपये से शुरू किया था सफर।

अहमदाबाद। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आने से पहले गुजरात के प्रसिद्ध स्नैक्स ब्रांड 'बालाजी वेफर्स' ने बाजार में अपनी नई उत्पाद श्रेणी 'झालमुड़ी' को उतार दिया है। कंपनी के संस्थापक चंदूभाई विरानी ने राजनीतिक माहौल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को भांपते हुए यह रणनीतिक निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान झारग्राम में प्रधानमंत्री द्वारा झालमुड़ी का लुत्फ उठाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खासी वायरल हुई थीं।

पीएम मोदी बने प्रेरणा का स्रोत

चंदूभाई विरानी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के लिए एक 'ब्रांड एंबेसडर' की तरह हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने बंगाल दौरे पर 10 रुपये देकर झालमुड़ी खाई, तो वह पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई। विरानी ने अपनी विशिष्ट गुजराती व्यापारिक शैली में कहा कि एक सफल व्यवसायी वही है जो सही समय पर सही मौका पहचाने। चूंकि बंगाल में झालमुड़ी एक अत्यंत लोकप्रिय स्नैक है और गुजरात में इसे मुरमुरा के रूप में जाना जाता है, इसलिए बालाजी वेफर्स ने इसे एक नए और बेहतर स्वाद के साथ पेश करने का निर्णय लिया है।

एक साधारण किसान से 5000 करोड़ के साम्राज्य तक का सफर

झालमुड़ी लॉन्च करने वाले चंदूभाई विरानी की अपनी जीवन यात्रा भी अत्यंत प्रेरणादायक है। एक साधारण गुजराती किसान परिवार में जन्मे चंदूभाई ने अपने करियर की शुरुआत में कृषि उत्पादों और औजारों के व्यापार में असफलता देखी थी। हार न मानते हुए उन्होंने सिनेमाघरों में पोस्टर चिपकाने, सीटें ठीक करने और कैंटीन में नाश्ता बेचने जैसा संघर्षपूर्ण कार्य किया। वर्ष 1982 में उन्होंने आलू वेफर्स बनाने की पहली छोटी फैक्ट्री लगाई, जो आगे चलकर 1992 में अपने भाइयों के साथ 'बालाजी वेफर्स प्राइवेट लिमिटेड' के रूप में स्थापित हुई। आज यह कंपनी 5000 करोड़ रुपये की है और लगभग 7,000 लोगों को रोजगार प्रदान करती है, जिनमें 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।

बाजार में प्रभाव और भविष्य की रणनीति

बालाजी वेफर्स द्वारा झालमुड़ी को अपनी उत्पाद श्रृंखला में शामिल करना केवल एक व्यापारिक निर्णय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाद के आदान-प्रदान का भी प्रतीक है। बंगाल की सड़कों का यह स्वाद अब पैकेट में बंद होकर देश के पश्चिमी कोनों तक पहुंचेगा। कंपनी का लक्ष्य ग्राहक की पसंद को प्राथमिकता देना और मौजूदा रुझानों के अनुसार उत्पादों को ढालना है। बंगाल चुनाव परिणामों की प्रतीक्षा के बीच, गुजरात के व्यापारिक जगत में झालमुड़ी का यह 'लॉन्च' चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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