चारधाम यात्रा 2026: कब बंद होंगे बदरीनाथ-केदारनाथ के कपाट? जानें विशेष पंच पूजा और दर्शन का पूरा शेड्यूल|
विजयदशमी पर पंचांग गणना के बाद बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तारीख तय की गई, जिसके साथ ही चारधाम यात्रा का समापन होगा।

उत्तराखंड के चमोली स्थित बदरीनाथ धाम में विजयदशमी पर शीतकाल के लिए कपाट बंद होने की तिथि घोषित होने के बाद मंदिर में मौजूद श्रद्धालु।
उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है और नवंबर के महीने में चारों धामों के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए इस यात्रा वर्ष में बदरीनाथ धाम के दर्शन करने का यह अंतिम अवसर होगा।
विजयदशमी पर हुई कपाट बंद होने की घोषणा
विजयदशमी के पावन अवसर पर बदरीनाथ मंदिर परिसर में विशेष समारोह आयोजित किया गया, जहाँ धर्माधिकारी और वेदपाठी आचार्यों ने पंचांग गणना के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद बदरीनाथ धाम के रावल अमरनाथ नंबूदरी ने विधिवत घोषणा की कि बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर 2026, सोमवार की रात 9 बजकर 37 मिनट पर कर्क लग्न में शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। विजयदशमी के दिन मंदिर परिसर में नवरात्रि और उर्वशी माता की पूजा का भी हवन-यज्ञ के साथ समापन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
12 नवंबर से शुरू होगी पंच पूजा की परंपरा
कपाट बंद होने की मुख्य तिथि से पहले मंदिर में 5 दिनों तक चलने वाली विशेष 'पंच पूजा' शुरू होगी:
- 12 नवंबर: श्री गणेश जी की पूजा की जाएगी।
- 13 नवंबर: आदि केदारेश्वर मंदिर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद होंगे।
- 14 नवंबर: खड्ग पुस्तक पूजन संपन्न होगा और इसके बाद वेद ऋचाओं का पाठ बंद कर दिया जाएगा।
- 15 नवंबर: माता लक्ष्मी जी को कढ़ाई भोग अर्पित किया जाएगा और उन्हें भगवान बदरीविशाल के दरबार में आने का निमंत्रण दिया जाएगा।
- 16 नवंबर: माता लक्ष्मी जी श्री बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करेंगी। इसी दिन भगवान कुबेर और उद्धव जी मंदिर परिसर में आएंगे और रात 9:37 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
शीतकाल में कहाँ होंगे भगवान के दर्शन?
कपाट बंद होने के बाद भी भगवान की पूजा-अर्चना शीतकालीन प्रवास स्थलों पर नियमित रूप से जारी रहेगी। 17 नवंबर को भगवान उद्धव जी और कुबेर जी योग बदरी पांडुकेश्वर के लिए प्रस्थान करेंगे, जहाँ सर्दियों के दौरान उनकी पूजा होगी। इसके अलावा, गरुड़ जी और आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी ज्योर्तिमठ स्थित श्री नृसिंह मंदिर के लिए रवाना होगी। 18 नवंबर को आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी श्री नृसिंह मंदिर, ज्योर्तिमठ में विराजमान हो जाएगी और इसके साथ ही बदरीनाथ यात्रा का पूर्ण समापन हो जाएगा।
चारधाम के अन्य मंदिरों के कपाट बंद होने का समय
बदरीनाथ धाम के साथ-साथ अन्य तीन धामों के कपाट बंद होने की तारीखें भी तय हो चुकी हैं:
- गंगोत्री धाम: 10 नवंबर (मंगलवार) को गोवर्धन पूजा के दिन कपाट बंद होंगे।
- केदारनाथ धाम: 11 नवंबर (बुधवार) को भैया दूज के दिन सुबह 8:30 बजे कपाट बंद किए जाएंगे।
- यमुनोत्री धाम: 11 नवंबर (बुधवार) को भैया दूज के दिन कपाट बंद होंगे।
नवंबर महीने में चारों धामों के कपाट बंद होने के साथ ही वर्ष 2026 की पावन चारधाम यात्रा का समापन हो जाएगा।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
