राजकीय सम्मान के साथ खामेनेई को आखिरी विदाई,लाखों लोगों ने दी अंतिम विदाई,भारत समेत कई देशों से पहुंचे लोग|
मशहद स्थित इमाम रेजा दरगाह में पूर्व सुप्रीम लीडर का हुआ अंतिम संस्कार, दुनिया भर से पहुंचे लाखों लोग।

मशहद में इमाम रेजा दरगाह के पास राजकीय सम्मान के साथ अयातुल्ला अली खामेनेई के ताबूत को ले जाते श्रद्धालु।
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद स्थित इमाम रेजा दरगाह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया. इस अंतिम विदाई के साथ ही पिछले एक सप्ताह से चल रहे शोक समारोह, जुलूस और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का समापन हो गया. मशहद में आयोजित इस अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए केवल ईरान ही नहीं, बल्कि भारत, इराक, पाकिस्तान, नाइजीरिया और सेनेगल सहित कई देशों से शिया समुदाय के लोग पहुंचे थे.
अंतिम विदाई के दौरान मशहद की सड़कों, मस्जिदों और दरगाह परिसर में लाखों लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. तड़के से ही शोकाकुल लोग काले कपड़ों में वहां एकत्रित हो गए थे. भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का हुजूम बना रहा और प्रशासन द्वारा उनके लिए पानी व अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं. ताबूत के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग रातभर दरगाह परिसर में डटे रहे और कई परिवार खुले परिसर में ही रहकर अंतिम रस्मों का इंतजार करते रहे. भारी भीड़ के कारण अंतिम विदाई की रस्मों में कई घंटों की देरी हुई.
अयातुल्ला अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई के लिए तेहरान से यात्रा शुरू करते हुए कोम, इराक के नजफ और कर्बला ले जाया गया था, जिसके बाद अंततः उन्हें मशहद लाया गया. इस पूरी यात्रा के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान उनके उत्तराधिकारी बेटे मोजतबा खामेनेई नजर नहीं आए. हालांकि ईरानी मीडिया ने मशहद के आसपास कुछ हमलों की सूचना दी थी, लेकिन अमेरिकी सेना ने इन दावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
विश्लेषकों का मानना है कि यह अंतिम विदाई आधुनिक शिया राजनीति और धार्मिक नेतृत्व के एक अत्यंत प्रभावशाली अध्याय के अंत का प्रतीक है. इस पूरे शोक समारोह के दौरान लोगों द्वारा खामेनेई के समर्थन में और उनके प्रति हुई हिंसा के विरोध में नारे भी लगाए गए. अंततः, इमाम रेजा की पवित्र दरगाह में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक करने के साथ ही ईरान में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक युग का समापन हो गया.

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
