'अतिथि देवो भव': राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर भारत की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक वैभव का उत्सव; वैश्विक पटल पर चमकता 'अतुल्य भारत'
भारत आज 'राष्ट्रीय पर्यटन दिवस' को 'अतिथि देवो भव' के मूल मंत्र के साथ मना रहा है। देश की ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए सरकार ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं। जानिए कैसे इको-टूरिज्म और डिजिटल इंडिया के माध्यम से भारत पर्यटन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और क्यों 2026 पर्यटन के लिए क्रांतिकारी साल साबित होगा।

नई दिल्ली | 25 जनवरी, 2026
संस्कृतियों का संगम, विरासतों का मान: वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई इबारत लिख रहा हिंदुस्तान
विविधता से भरे भारत की मिट्टी में रची-बसी 'अतिथि देवो भव' की सदियों पुरानी परंपरा आज एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने गौरव से मुस्कुरा रही है। आज भारत 'राष्ट्रीय पर्यटन दिवस' मना रहा है—एक ऐसा दिन जो न केवल हमारे देश के प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक स्मारकों को समर्पित है, बल्कि हमारी उस महान सभ्यता का प्रतीक है जो बाहरी दुनिया का स्वागत खुले दिल और आत्मीय मुस्कान के साथ करती है। हिमालय की बर्फीली चोटियों से लेकर दक्षिण के शांत सागर तटों तक, भारत का हर कोना आज अपनी अनूठी पहचान और पर्यटन की असीम संभावनाओं का जश्न मना रहा है।
पर्यटन दिवस का महत्व: अर्थव्यवस्था और विरासत की धुरी
भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 25 जनवरी को मनाया जाने वाला यह दिवस केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक कूटनीति का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। पर्यटन मंत्रालय द्वारा इस वर्ष के आयोजनों में कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है:
- ऐतिहासिक स्मारकों का संरक्षण: ताजमहल, हम्पी और कोणार्क जैसे विश्व धरोहर स्थलों को नई तकनीक और बेहतर बुनियादी ढांचे से लैस किया जा रहा है ताकि पर्यटकों का अनुभव विश्वस्तरीय हो।
- इको-टूरिज्म और सस्टेनेबिलिटी: 2026 के लिए सरकार का मुख्य जोर 'टिकाऊ पर्यटन' पर है, जिससे प्रकृति को नुकसान पहुँचाए बिना पर्यटन का विकास किया जा सके
- आध्यात्मिक और सांस्कृतिक सर्किट: 'रामायण सर्किट' और 'बुद्ध सर्किट' जैसे प्रोजेक्ट्स के माध्यम से भारत अपने आध्यात्मिक वैभव को वैश्विक स्तर पर पुनर्स्थापित कर रहा है।
- ग्रामीण पर्यटन की ओर कदम: देश के सुदूर गांवों की संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए 'होम-स्टे' जैसी योजनाओं को नई ऊर्जा दी जा रही है।
सरकारी पहल और आधिकारिक घोषणाएं
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के अवसर पर केंद्र और राज्य सरकारों ने पर्यटन क्षेत्र को और अधिक सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण आधिकारिक कदम उठाए हैं:
- वीजा नियमों में सरलता: ई-वीजा (E-Visa) सुविधाओं का विस्तार करते हुए और अधिक देशों को इसमें शामिल किया गया है, जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि की उम्मीद है।
- डिजिटल इंडिया का एकीकरण: पर्यटन स्थलों की जानकारी और बुकिंग के लिए एकीकृत 'अतुल्य भारत' मोबाइल ऐप का नया संस्करण लॉन्च किया गया है, जो एआई (AI) आधारित गाइड की सुविधा प्रदान करेगा।
- सुरक्षा और स्वच्छता: 'पर्यटन पुलिस' की सक्रियता और 'स्वच्छ भारत' अभियान के तहत पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण पर विशेष बजट आवंटित किया गया है।
वैश्विक पर्यटन का उभरता हुआ केंद्र
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2026 इस बात का प्रमाण है कि भारत अब केवल एक यात्रा गंतव्य (Destination) नहीं, बल्कि एक संपूर्ण 'अनुभव' बन चुका है। हमारी ऐतिहासिक विरासतें और प्राकृतिक सौंदर्य हमारी थाती हैं, लेकिन पर्यटकों का सत्कार करने की हमारी भावना ही हमें दुनिया से अलग बनाती है। आज का दिन हमें यह याद दिलाता है कि पर्यटन न केवल राजस्व का स्रोत है, बल्कि यह विश्व शांति और भाईचारे का भी एक सशक्त माध्यम है। आइए, इस अवसर पर हम संकल्प लें कि हम अपने देश की सुंदरता और स्वच्छता को बनाए रखेंगे ताकि 'अतुल्य भारत' की चमक सदा बनी रहे।

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