उत्तर प्रदेश: कानपूर-आगरा हाईवे पर मक्खनपुर इलाके के पास, 30 सितम्बर की सुबह को एक कार से कुछ गुंडों ने 2 करोड़ रुपयों की चोरी की। सूत्रों के द्वारा यह पैसे गुजरात के जीके कंपनी की थी, और इनका कॅश ट्रांसक्शन का काम है। वारदात के दिन इस कंपनी के कर्मचारी इतने पैसे लेकर आगरा ऑफिस जा रहे थे। तभी मौका मिलते ही, बदमाशों ने गाडी को ओवरटेक किया और गाड़ी में मौजूद ड्राइवर और कर्मचारी को अगवा करके सारे पैसे लूट लिए।


इस मामले की जाँच के लिए एसएसपी सौरभ दीक्षित ने पुलिस की 6 टीम लगाई थी। और सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस को कुछ पुख्ता साबुत मिले। पुलिस को दो संदिग्ध गाडियों की जानकारी मिली, जिसे ट्रेस किया गया। गाड़ी के जाँच के पास पुलिस दिल्ली पहुंची और वहाँ से 4 अक्टूबर को मास्टरमाइंड नरेश पंडित के साथ 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया।


लूटेरों की पहचान:

नरेश पंडित (अलीगढ़), तुषार (गाज़ियाबाद), दुष्यंत (अलीगढ़), अक्षय (पूर्वी दिल्ली), आशीष उर्फ़ आशु (हरियाणा), मोनू उर्फ़ मिलाप (आगरा)

इन सभी के पास से लाखों का नगद, बंदूके, नई बाइक, और आईफोन बरामद किया गया।


4 अक्टूबर को पुलिस नरेश और उसके साथियों को जब्ती के लिए ले जा रहे थे, तब फ़िरोज़ाबाद जिले में एक बहुत ही आश्चर्यजनक घटना हुई है। नरेश ने शौच का बहाना बनाकर गाड़ी रास्ते में रुकवाई। पुलिस ने गाड़ी गणेशपुर गांव के पास रोकी थी। उसके एक हाथ में हथकड़ी थी। नरेश जंगल की ओर शौच करने गया, लेकिन जब वह देर तक नहीं लौटा, तो पुलिस उसे ढूंढने गई। पर वो तब तक फरार हो चूका था। नरेश के भागने की खबर सुनते ही पुलिस ने जिले भर में उसकी तलाश जारी कर दी थी।


5 अक्टूबर रविवार को पुलिस को सुचना मिली की बीएमआर होटल के पास नरेश को देखा गया है। उसके बाद स्थानीय एएसपी अनुज चौधरी के साथ पुलिस की टीम मौके पर घटनास्थल पर पहुँचे। जैसे ही पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दुबारा गिरफ्तार करने कि कोशिश की, नरेश ने अपने बचाव में पुलिस पर फायरिंग कर दी। जिसके बाद पुलिस को मजबूरन जवाबी हमले करने पड़े। इस मुठभेड़ के दौरान एएसपी अनुज चौधरी को गोली लगी। पर बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण उनकी जान बच गई।


इसके बावजूद उन्होंने पुलिस टीम के साथ पूरे मामले को काबू किया। और नियंत्रण पाते ही नरेश पर हमला किया, गोली लगने के कारण वह मौके पर बेहोश हो गया था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर्स ने बताया की नरेश की मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा घायल एसओ संजीव दुबे का इलाज भी उसी अस्पताल में जारी है। एसएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया की मृत आरोपी नरेश पर कई अपराध के इलज़ाम लगे हुए थे। और पुलिस ने नरेश के बाकी सहयोगियों को गिरफ्त में रखा है और उन पर चाजर्शीट की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

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Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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