सुरों की विरासत के साथ करोड़ों कासाम्राज्य भी छोड़ गईं आशा ताई: जानिए कितनी है संगीत की मल्लिका की कुल संपत्ति।
संगीत की मल्लिका आशा भोसले का 200 करोड़ का साम्राज्य, दुबई और ब्रिटेन तक फैला है रेस्टोरेंट का कारोबार।

भारतीय पार्श्व गायिका आशा भोसले मुंबई में अपने घर पर हरी साड़ी और पारंपरिक आभूषणों में एक कार्यक्रम के दौरान।
मुंबई। भारतीय पार्श्व गायन के आकाश में सात दशकों तक अपनी मधुर आवाज से उजाला करने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं, परंतु वह अपने पीछे न केवल सुरों का समंदर बल्कि एक विशाल व्यावसायिक साम्राज्य भी छोड़ गई हैं। 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस लेने वाली आशा ताई ने अपनी मेहनत और कला के दम पर शून्य से शिखर तक का सफर तय किया था। संगीत जगत में अपनी अद्वितीय पहचान बनाने के साथ-साथ उन्होंने एक सफल उद्यमी के रूप में भी खुद को स्थापित किया, जिसका विस्तार आज भारत की सीमाओं को लांघकर मध्य पूर्व और यूरोप तक फैला हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट्स और वित्तीय विशेषज्ञों के आंकलनों के अनुसार, आशा भोसले की कुल अनुमानित संपत्ति 150 से 200 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है। उनकी इस संपत्ति का मुख्य आधार उनका ऐतिहासिक गायन करियर रहा है, जिसमें उन्होंने 12 हजार से अधिक गानों को अपनी आवाज दी। दशकों तक चार्टबस्टर रहे उनके एल्बम और फिल्मों से मिलने वाली रॉयल्टी उनकी आय का एक निरंतर स्रोत रही है। मात्र 10 वर्ष की अल्पायु में शुरू हुआ उनका यह सफर पद्म विभूषण और दादा साहब फाल्के जैसे सम्मानों के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि का भी पर्याय बना। उनके पास मुंबई और पुणे जैसे प्रमुख शहरों में लगभग 80 से 100 करोड़ रुपये की लग्जरी रियल एस्टेट संपत्तियां हैं, जो उनके विविध निवेश पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं।
कला के अलावा, आशा भोसले ने वर्ष 2002 में व्यावसायिक जगत में एक साहसी कदम रखा था। उन्होंने 'Asha’s' (आशाज) नाम से एक अंतरराष्ट्रीय डाइनिंग ब्रांड की नींव रखी, जिसकी पहली शाखा दुबई में खोली गई थी। यह रेस्टोरेंट चेन आज वैश्विक स्तर पर भारतीय व्यंजनों और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती है। वर्तमान में इस ब्रांड के रेस्टोरेंट कुवैत, बहरीन, अबू धाबी के साथ-साथ ब्रिटेन के प्रमुख शहरों जैसे बर्मिंघम और मैनचेस्टर में संचालित हो रहे हैं। मध्य पूर्व और यूके में लगभग 14 आउटलेट्स के साथ उनका यह बिजनेस मॉडल एक सफल अंतरराष्ट्रीय वेंचर साबित हुआ है। संगीत के प्रति उनका जुनून उनके रेस्टोरेंट की थीम और वातावरण में भी स्पष्ट रूप से झलकता है।
आशा भोसले का निधन निश्चित रूप से भारतीय कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है, परंतु उनकी जीवन गाथा आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाती है कि प्रतिभा और व्यावसायिक सूझबूझ का संतुलन कैसे साधा जाता है। वह अपने पीछे तीन बच्चों के परिवार और करोड़ों प्रशंसकों के साथ-साथ एक ऐसा समृद्ध साम्राज्य छोड़ गई हैं, जो उनकी मेहनत और दूरदर्शिता का जीवंत प्रमाण रहेगा। सुरों की यह मल्लिका अब भौतिक रूप से उपस्थित नहीं है, लेकिन उनकी आवाज और उनके द्वारा स्थापित यह वैश्विक विरासत सदैव उनकी उपस्थिति का अहसास कराती रहेगी।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
