आज, 15 अक्टूबर को भारत के पूर्व राष्ट्रपति और देश के प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती है। इस विशेष अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षा और युवाओं की भूमिका को लेकर देशभर में चर्चा की जाती है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को हुआ था। उनके जीवन और विचारों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें इस दिन विशेष रूप से याद की जाती हैं, जो विद्यार्थियों और युवाओं के लिए हमेशा से प्रेरणा का स्रोत रही हैं।

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का पूरा जीवन शिक्षा, विज्ञान और राष्ट्र निर्माण को समर्पित था। उनका मानना था कि देश का भविष्य युवाओं और विद्यार्थियों के हाथों में होता है। यही कारण है कि उनकी जयंती के अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षा और युवाओं की भूमिका को रेखांकित करने वाली खबरें और विशेष लेख प्रकाशित किए जाते हैं। उन्होंने अपने पूरे जीवन में छात्रों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने की सीख दी।

छात्रों के प्रति उनके अगाध प्रेम और उनके योगदान को सम्मान देते हुए उनकी जयंती को विद्यार्थी दिवस के रूप में भी याद किया जाता है। डॉ. कलाम ने हमेशा यह माना कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और शिक्षा एक ऐसा हथियार है जिससे समाज और देश की तस्वीर बदली जा सकती है। उनका यह विचार आज भी युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।

उनकी जयंती के इस अवसर पर स्कूल-कॉलेजों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में उन्हें याद किया जाता है। उनके द्वारा कही गई बातें और उनके आदर्शों को युवाओं के सामने रखा जाता है, ताकि वे उनसे सीख लेकर देश के विकास में अपना योगदान दे सकें। डॉ. कलाम का सादा जीवन और उच्च विचार आज की युवा पीढ़ी के लिए एक आदर्श मार्गदर्शिका की तरह है। 15 अक्टूबर का यह दिन हर साल हमें उनके महान योगदान और विचारों की याद दिलाता है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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