भारत सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी योजना, 'अंत्योदय अन्न योजना' (Antyodaya Anna Yojana) के अंतर्गत राशन वितरण की वर्तमान व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव का प्रस्ताव सामने आया है। खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा संशोधन विधेयक 2026 (National Food Security Amendment Bill 2026) का मसौदा जारी किया है, जिसका उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को अधिक तर्कसंगत और पारदर्शी बनाना है। वर्तमान में, अंत्योदय अन्न योजना के तहत एक परिवार को एक इकाई मानकर हर महीने 35 किलोग्राम राशन प्रदान किया जाता है, परंतु प्रस्तावित संशोधन के माध्यम से सरकार इस व्यवस्था को परिवार के प्रति व्यक्ति (per capita) आधार पर पुनर्गठित करने की योजना बना रही है।

प्रस्तावित मसौदे के अनुसार, यदि कोई परिवार अंत्योदय अन्न योजना के अंतर्गत आता है, तो उस परिवार के प्रत्येक सदस्य को प्रति माह 7 किलोग्राम राशन प्रदान किया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी परिवार में चार सदस्य हैं, तो उन्हें अब 35 किलोग्राम के स्थान पर 28 किलोग्राम राशन आवंटित किया जाएगा। इस नीति का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण में व्याप्त असमानताओं को दूर करना है। विभाग का तर्क है कि वर्तमान 'प्रति परिवार' आधारित व्यवस्था में छोटे परिवारों को प्रति व्यक्ति अधिक अनाज प्राप्त होता है, जबकि बड़े परिवारों को प्रति व्यक्ति आवंटन कम हो जाता है, जिससे वितरण में असंतुलन बना रहता है।

इस नई प्रस्तावित व्यवस्था के बावजूद, सरकार ने 35 किलोग्राम प्रति परिवार की अधिकतम सीमा (cap) को बरकरार रखने का निर्णय लिया है। इसका अर्थ यह है कि यदि किसी परिवार में पांच से अधिक सदस्य हैं, तो भी उन्हें 35 किलोग्राम से अधिक अनाज का आवंटन नहीं किया जाएगा। यह सुनिश्चित करता है कि बड़े परिवारों को एक निश्चित सीमा से अधिक बोझ सरकारी खजाने पर न पड़े, जबकि प्रति व्यक्ति आवंटन के सिद्धांत को भी लागू रखा जा सके। केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया यह मसौदा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 के ढांचे में व्यापक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम है।

खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने इस मसौदा विधेयक पर आम जनता, विशेषज्ञों और संबंधित हितधारकों से प्रतिक्रियाएं आमंत्रित की हैं। ड्राफ्ट बिल के प्रावधानों और राशन वितरण प्रणाली में होने वाले इन संभावित बदलावों के संबंध में सुझाव या आपत्तियां भेजने की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य समाज के सबसे गरीब और वंचित वर्गों तक खाद्यान्न की पहुंच को और अधिक प्रभावी बनाना है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य इस योजना को अधिक न्यायसंगत बनाना है ताकि संसाधनों का उपयोग प्रत्येक पात्र नागरिक तक सही अनुपात में पहुंच सके।

संशोधन विधेयक का यह प्रस्तावित प्रारूप लागू होने पर देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System) में एक बड़ा संरचनात्मक परिवर्तन आएगा। यह न केवल वितरण की विसंगतियों को मिटाने में सहायक होगा, बल्कि लाभार्थियों के आंकड़ों की सटीकता को भी बेहतर बनाएगा। देश के करोड़ों गरीब परिवारों को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले इस मसौदे का भविष्य अब उन प्रतिक्रियाओं और अंतिम नीतिगत निर्णय पर निर्भर करेगा जो 13 जुलाई के बाद सरकार द्वारा लिए जाएंगे।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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