अमृतसर में आतंकी हमले की साजिश का खुलासा: पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा, सीमा पर बम विस्फोट की थी योजना
पंजाब न्यूज़: अमृतसर सीमा पर पुलिस ने भारी मात्रा में IED और पिस्तौल बरामद कर बड़ी आतंकी साजिश नाकाम की। जानें कैसे ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से आई थी मौत की खेप और क्या है पूरा मामला।

पंजाब की शांत हवाओं में एक बार फिर सीमा पार से जहर घोलने की कोशिश की गई है। 12 फरवरी 2026 की सुबह अमृतसर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसी कामयाबी हासिल की है, जिसने एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को समय रहते कुचल दिया। अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) के पास से भारी मात्रा में IED (Improvised Explosive Device), पिस्तौल और गोला-बारूद की बरामदगी ने सुरक्षा गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
आधी रात का ऑपरेशन और 'मौत का सामान'
अमृतसर के सीमावर्ती गांव के पास चलाए गए एक गुप्त ऑपरेशन में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। खुफिया जानकारी मिली थी कि ड्रोन के जरिए सीमा पार (पाकिस्तान) से हथियारों की एक बड़ी खेप गिराई गई है। जब सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी की, तो उन्हें एक लावारिस बैग मिला जिसमें मौत का सामान भरा हुआ था।
बरामदगी की लिस्ट:
- शक्तिशाली IED: एक उच्च क्षमता वाला आईईडी, जिसे रिमोट कंट्रोल या टाइमर से उड़ाया जा सकता था।
- विदेशी पिस्तौल: अत्याधुनिक पिस्तौलें और मैगजीन।
- जिंदा कारतूस: भारी मात्रा में गोला-बारूद।
- चुंबकीय उपकरण (Magnets): जिनका इस्तेमाल अक्सर 'स्टिकी बम' बनाने में किया जाता है।
ड्रोन तकनीक: सीमा पार से 'हवाई आतंक'
जांच में यह बात सामने आई है कि यह खेप किसी इंसान द्वारा नहीं, बल्कि हाई-टेक ड्रोन्स के जरिए भारतीय सीमा में गिराई गई थी। सर्दियों के इस मौसम में जब धुंध का फायदा उठाकर घुसपैठ मुश्किल होती है, तब सीमा पार बैठे हैंडलर्स ड्रोन्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल पंजाब में किसी बड़े नेता को निशाना बनाने या सार्वजनिक स्थानों पर दहशत फैलाने के लिए किया जाना था।
स्थानीय नेटवर्क की तलाश: कौन है आस्तीन का सांप?
इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि सीमा पार से गिरे इस सामान को उठाने के लिए स्थानीय 'स्लीपर सेल्स' (Sleeper Cells) को सक्रिय किया गया था। पुलिस ने कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों और टावर लोकेशन को ट्रैक किया है।
- जांच का दायरा: अमृतसर के आसपास के तीन गांवों में सर्च ऑपरेशन जारी है।
- पूछताछ: दो स्थानीय संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिनका संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से होने का शक है।
- फंडिंग: पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन ऑपरेशंस के लिए पैसा 'हवाला' या क्रिप्टोकरेंसी के जरिए तो नहीं भेजा जा रहा।
सुरक्षा एजेंसियों का 'कवच'
पंजाब पुलिस और BSF ने मिलकर सीमा पर सुरक्षा की दीवार और मजबूत कर दी है। अब सीमा पर 'एंटी-ड्रोन सिस्टम' को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है ताकि परिंदा भी पर न मार सके। मुख्यमंत्री और डीजीपी पंजाब ने साफ कर दिया है कि राज्य की शांति भंग करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी।
सावधानी की अपील
पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों के लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें आसमान में कोई असामान्य आवाज सुनाई दे या खेतों में कोई संदिग्ध वस्तु दिखाई दे, तो तुरंत 112 नंबर पर सूचना दें। आपकी एक सतर्कता पंजाब को सुरक्षित रख सकती है।
अमृतसर में IED और हथियारों की यह बरामदगी इस बात का प्रमाण है कि सीमा पार बैठे दुश्मन पंजाब की शांति और भाईचारे को निशाना बनाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। हालांकि, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी ने एक बार फिर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। यह केवल हथियारों की जब्ती नहीं है, बल्कि एक बड़े खतरे की आहट है जो हमें याद दिलाती है कि तकनीक के इस दौर में सुरक्षा चुनौतियां कितनी जटिल हो गई हैं। पंजाब पुलिस और BSF का यह तालमेल राज्य को सुरक्षित रखने में सबसे बड़ी ढाल साबित हो रहा है।

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