आग से घिरे, रास्ते थे बंद! लखनऊ में 15 बच्चों की मौत के पीछे सामने आई चौंकाने वाली लापरवाही|
बिल्डिंग में ताले लगे होने और इमरजेंसी एग्जिट न होने से नहीं बच सके मासूम, एसआईटी जांच जारी।

अलीगंज में लगी भीषण आग के दौरान बचाव कार्य और इमारत की स्थिति का दृश्य।
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 15 मासूम बच्चों ने अपनी जान गंवा दी, जो बहुमंजिला इमारत में बने एक कंप्यूटर गेमिंग एनीमेशन सेंटर में मौजूद थे। घटना के उपरांत मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने जो खुलासे किए हैं, वे न केवल चिंताजनक हैं बल्कि भवन निर्माण में बरती गई घोर लापरवाही की ओर भी इशारा करते हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इमारत में फंसे बच्चों के लिए बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था, जिससे यह स्थान उनके लिए एक डेथ ट्रैप साबित हुआ।
घटना के दौरान जब आग ने पहली मंजिल को अपनी चपेट में लिया, तो वहां मौजूद बच्चे जान बचाने के लिए ऊपर की ओर भागे। दमकल विभाग के अनुसार, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि सीढ़ियों से नीचे उतरना असंभव हो गया था। बच्चे खुद को बचाने के लिए दूसरी और तीसरी मंजिल की ओर गए, लेकिन वहां उन्हें निराशा ही हाथ लगी। तीसरी मंजिल पर सीढ़ियों के पास एक लोहे का चैनल गेट था, जिस पर ताला लगा हुआ था। इसके अतिरिक्त, चैनल पार करने के बाद मुख्य दरवाजे पर भी ताला जड़ा था। इन परिस्थितियों में बच्चे पूरी तरह से असुरक्षित हो गए थे।
बचाव कार्य के दौरान फायर ब्रिगेड की टीम ने कटर और अन्य संसाधनों की सहायता से जैसे-तैसे इमारत के भीतर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य बेहद हृदयविदारक था। दूसरी मंजिल पर मौजूद बायोमीट्रिक लॉक अत्यधिक गर्मी के कारण पिघल चुका था। टीम को बाथरूम, कंप्यूटर रूम और गैलरी जैसे स्थानों से बच्चों के शव मिले। बताया जा रहा है कि संभवतः बिजली आने के दौरान बच्चे दूसरे कमरे में गए, जहां बायोमीट्रिक लॉक लग गया और बाद में बिजली कट जाने के कारण वे वहां पूरी तरह कैद हो गए। इमारत में लगी लिफ्ट भी बिजली गुल होने के कारण बीच रास्ते में ही बंद हो गई थी, जिससे स्थिति और भी विकट हो गई।
इस घटना के बाद जांच एजेंसियों ने इमारत के निर्माण में फायर सेफ्टी मानकों की घोर अनदेखी पाए जाने की पुष्टि की है। राजधानी के लेवाना होटल अग्निकांड के समान ही, इस बिल्डिंग में भी इमरजेंसी एग्जिट और पर्याप्त सीढ़ियों की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले में कंप्यूटर गेमिंग सेंटर के मालिक की भारी लापरवाही स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। फिलहाल, इस गंभीर मामले की जांच एसआईटी (SIT) और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) द्वारा की जा रही है, ताकि दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। यह हादसा सुरक्षा नियमों के प्रति बरती जाने वाली लापरवाही का एक दुखद परिणाम है, जिसने 15 परिवारों को कभी न भरने वाला घाव दिया है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
