ट्रंप ने अंतिम संस्कार में शामिल नेताओं को दी धमकी, ईरान ने कहा- 'आपके पास न सभ्यता है न सम्मान'

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार हालिया इतिहास के सबसे बड़े आयोजनों में से एक बन गया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में खामेनेई की मृत्यु के चार महीने बाद, तेहरान की सड़कों पर लाखों लोगों का हुजूम अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़ा है। इस शोकपूर्ण माहौल के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक टिप्पणी ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस और कूटनीतिक तनाव को जन्म दे दिया है।

एक्सियोस को दिए एक इंटरव्यू के दौरान, डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए जमा हुई भीड़ पर तंज कसते हुए इसे 'नकली आंसू' करार दिया। ट्रंप ने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि लोग उनके लिए रो रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगा था कि ईरानी जनता खामेनेई को नापसंद करती है। इससे भी अधिक विवादास्पद बात यह रही कि ट्रंप ने अंतिम संस्कार में शामिल हुए ईरानी नेतृत्व को धमकी दी। उन्होंने कहा कि वे एक ही हमले में वहां मौजूद सभी नेताओं को खत्म कर सकते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे ताकि बातचीत के लिए कोई विकल्प बचा रहे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अंतिम संस्कार के दौरान हमले न करने का निर्णय लिया है।

ट्रंप की इस टिप्पणी पर ईरान ने अत्यंत तीखी प्रतिक्रिया दी है। आर्मेनिया में स्थित ईरानी दूतावास ने आधिकारिक रूप से 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि ऐसी बयानबाजी अमेरिकी राष्ट्रपति के पास सभ्यता, इतिहास और सम्मान की कमी को दर्शाती है। ईरानी पक्ष ने स्पष्ट किया कि यद्यपि व्यक्तियों को समाप्त किया जा सकता है, लेकिन उनके आदर्शों को नष्ट नहीं किया जा सकता। ईरान ने ट्रंप के दावे को 'हल्कापन' करार देते हुए कहा कि अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु इत्र की उस शीशी की तरह है, जिसकी खुशबू अब और भी व्यापक रूप से फैल रही है।

इस पूरे घटनाक्रम पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कड़ा रुख अपनाया है। अराघची ने स्पष्ट किया है कि ईरान के नेतृत्व या जनता के खिलाफ किसी भी प्रकार की साजिश या हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरानी सेना किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम और दृढ़ है।

वर्तमान में, जहां एक ओर ईरान अपने पूर्व नेता के सम्मान में जुटा हुआ है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका और इजरायल की ओर से आ रही आक्रामक बयानबाजी क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ा रही है। यह अंतिम संस्कार न केवल एक धार्मिक और राजनीतिक विदाई है, बल्कि यह ईरान के शक्ति प्रदर्शन और पश्चिमी देशों के साथ उसके जटिल संबंधों का एक महत्वपूर्ण प्रतिबिंब भी बन गया है। इस स्थिति की गंभीरता इस बात से स्पष्ट होती है कि एक संवेदनशील धार्मिक आयोजन के दौरान भी सुरक्षा और कूटनीतिक तनाव अपने चरम पर है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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