35 दिन का नया नियम? LPG बुकिंग के नियमों में बड़ा फेरबदल; जाने क्या है सरकारी अपडेट
LPG सिलेंडर बुकिंग के नए नियमों का सच! सरकार ने 35 दिन की बुकिंग वाली अफवाहों को किया खारिज। जानें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए क्या हैं असली नियम।

LPG Cylinder Booking Rules 2026
LPG Cylinder Booking Rules 2026 : देश के करोड़ों रसोई गैस उपभोक्ताओं के बीच पिछले कुछ दिनों से सिलेंडर बुकिंग की समय सीमा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा किया जा रहा था कि सरकार ने गैस बुक करने के अंतराल में बड़ा बदलाव किया है। हालांकि, अब केंद्र सरकार ने इन तमाम अटकलों पर पूर्णविराम लगाते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है। आधिकारिक बयान के अनुसार, सिलेंडर बुकिंग के नियमों में किसी भी तरह का कोई नया बदलाव नहीं किया गया है और भ्रामक खबरों से जनता को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
अफवाहों का बाजार और '35 दिन' का दावा :
दरअसल, इंटरनेट पर ऐसी खबरें वायरल हो रही थीं कि अब अलग-अलग श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए गैस बुकिंग का समय अलग-अलग होगा। इन दावों में विशेष रूप से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को निशाना बनाया गया था, जिसमें कहा गया था कि उन्हें अब अगले सिलेंडर के लिए 45 दिन का इंतजार करना होगा। वहीं अन्य उपभोक्ताओं के लिए यह सीमा 25 से 35 दिन के बीच होने की बात कही जा रही थी। इन खबरों ने आम जनता, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के बीच घबराहट पैदा कर दी थी।
सरकारी स्पष्टीकरण: क्या हैं असली नियम?
सरकार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि वर्तमान में वही पुराने नियम प्रभावी हैं जो पहले से चले आ रहे हैं। नियमों की स्पष्टता के लिए प्रशासन ने पुनः विवरण साझा किया है:
- शहरी क्षेत्र : शहरों में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग का अंतराल अभी भी 25 दिन ही तय है।
- ग्रामीण क्षेत्र : गांवों में रहने वाले ग्राहकों के लिए यह सीमा 45 दिन निर्धारित की गई है।
- समानता : सरकार ने जोर देकर कहा है कि यह नियम सभी श्रेणियों पर एक समान लागू होता है और इसमें किसी विशेष योजना (जैसे उज्ज्वला योजना) के लिए कोई अलग भेदभावपूर्ण प्रावधान नहीं किया गया है।
सरकार ने यह भी आश्वस्त किया है कि देश में एलपीजी की कोई किल्लत नहीं है और आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराहट में आकर अनावश्यक रूप से जल्दी बुकिंग न करें।
तकनीकी सुरक्षा और वैश्विक संकट का साया :
सिस्टम की कार्यप्रणाली को लेकर भी सरकार ने जानकारी साझा की है। यदि कोई उपभोक्ता अपनी तय सीमा (पिछली डिलीवरी की तारीख से गिने गए दिन) से पहले बुकिंग करने का प्रयास करता है, तो सॉफ्टवेयर स्वचालित रूप से उस अनुरोध को ब्लॉक कर देगा। यह व्यवस्था वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखने के लिए लागू है।
हालांकि, सरकार ने यह स्वीकार किया है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट के कुछ बादल जरूर मंडरा रहे हैं। ईरान में जारी तनाव के कारण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) के मार्ग में बाधाएं आई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस वैश्विक किल्लत के बावजूद, भारत सरकार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और वैकल्पिक रास्तों व कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रही है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
