मुरादाबाद:

भारतीय ट्रेनों के जनरल डिब्बों की हालत किसी से छुपी नहीं है, लेकिन हाल ही में मुरादाबाद रेलवे स्टेशन से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दो यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रेन के बंद दरवाजे के बाहर लटके हुए नजर आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि गिर जाने के डर से इन यात्रियों ने खुद को रस्सी के सहारे ट्रेन के हैंडल से बांध रखा था।

यह घटना दिखाती है कि जब इंसान के पास कोई विकल्प नहीं बचता, तो वह अपनी जान की परवाह किए बिना मौत के सफर पर भी निकलने को मजबूर हो जाता है।

क्या है पूरा मामला?

घटना मुरादाबाद रेलवे स्टेशन की है, जहां एक एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल डिब्बे (General Bogie) में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। डिब्बे के अंदर बैठे यात्रियों ने भीड़ और गर्मी के चलते गेट को अंदर से लॉक कर लिया था, ताकि और लोग अंदर न आ सकें। इस बीच, दो यात्रियों को सफर करना बेहद जरूरी था, लेकिन गेट बंद होने के कारण वे अंदर नहीं जा सके।

अपनी मंजिल तक पहुंचने की बेबसी में इन दोनों यात्रियों ने ट्रेन के दरवाजे के बाहर लगे हैंडल को पकड़ा और एक रस्सी के सहारे खुद को ट्रेन से सुरक्षित रखने की कोशिश की। उन्होंने रस्सी को अपनी कमर और हैंडल के बीच इस तरह बांधा कि ट्रेन की रफ्तार बढ़ने पर भी वे नीचे न गिरें। यह दृश्य किसी भी देखने वाले के रोंगटे खड़े करने के लिए काफी था।

मजबूरी की इंतहा और RPF की कार्रवाई

इंटरनेट पर लोग इस वीडियो को देखकर कह रहे हैं कि "यह शौक नहीं, गरीबी है।" दरअसल, जिस यात्री के पास आर्थिक सामर्थ्य होता है, वह स्लीपर या एसी कोच का विकल्प चुनता है। लेकिन समाज का वह वर्ग जो दिहाड़ी मजदूरी या छोटे कामों के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाता है, उसके पास अक्सर जनरल बोगी के अलावा कोई रास्ता नहीं होता।

जैसे ही ट्रेन चलने वाली थी, प्लेटफॉर्म पर गश्त कर रहे आरपीएफ (RPF) के जवानों की नजर इन दोनों यात्रियों पर पड़ी। जवानों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों को ट्रेन से नीचे उतारा। सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद खतरनाक था क्योंकि ट्रेन के रफ्तार पकड़ते ही हवा के दबाव या झटके से रस्सी टूट सकती थी और कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। आरपीएफ की मुस्तैदी के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और इन यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

सोशल मीडिया पर उमड़ा दर्द

इस वीडियो के वायरल होने के बाद कमेंट सेक्शन में लोग भावुक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "इंसान शौक से अपनी जान खतरे में नहीं डालता, ये भूख और घर पहुंचने की जल्दी है जो उसे ऐसा करने पर मजबूर करती है।" वहीं एक अन्य यूजर ने प्रशासन से सवाल किया कि आखिर कब तक आम आदमी को जनरल बोगी में इस तरह के नारकीय हालातों का सामना करना पड़ेगा।

वीडियो पोस्ट करने वाले यूजर ने बाद में कमेंट सेक्शन को लिमिटेड कर दिया, लेकिन जितनी भी प्रतिक्रियाएं आईं, उनमें व्यवस्था के प्रति नाराजगी और यात्रियों के प्रति सहानुभूति साफ नजर आई।

खतरनाक है यह 'स्टंट'

भले ही इसके पीछे मजबूरी रही हो, लेकिन रेलवे नियमों और सुरक्षा के लिहाज से यह कदम बिल्कुल गलत है। ट्रेन के बाहर लटकना या खुद को बांधना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह जानलेवा भी हो सकता है। मोड़ आने पर या दूसरी ट्रेन के पास से गुजरते समय जान जाने का खतरा 100% रहता है।


मुरादाबाद की यह घटना भारतीय रेलवे में भीड़ प्रबंधन और आम आदमी की परिवहन जरूरतों पर बड़े सवाल खड़े करती है। गरीबी और जरूरत इंसान को मौत से भी बेखौफ कर देती है, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि है। आरपीएफ ने इन दोनों को उतारकर उनकी जान तो बचा ली, पर सवाल वही खड़ा है कि क्या अगली बार उन्हें ट्रेन में बैठने के लिए सम्मानजनक जगह मिल पाएगी?

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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