दिल्ली में बकरीद पर सरकार का बड़ा ऐलान ; जानें क्या है मंत्री कपिल मिश्रा ने जारी किए निर्देश ?
सड़कों, गलियों और पार्कों में कुर्बानी देने पर पूरी तरह रोक रहेगी, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी गई है।

दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा अपने कार्यालय में वीडियो संदेश के जरिए राष्ट्रीय राजधानी में बकरीद को लेकर नए प्रशासनिक और स्वच्छता संबंधी दिशानिर्देशों की जानकारी देते हुए।
Bakrid guidelines in Delhi 2026 : देश की राजधानी दिल्ली में अपकमिंग त्योहार बकरीद को लेकर प्रशासनिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है। दिल्ली सरकार ने सौहार्द, स्वच्छता और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से इस बार बेहद कड़े और अभूतपूर्व दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार के इस बड़े फैसले के तहत दिल्ली के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कुर्बानी देने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने आज शुक्रवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए इन कड़े नियमों की सार्वजनिक घोषणा की। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकार और प्रशासन के इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर दर्ज होगी एफआईआर, केवल तय स्थानों पर ही मिलेगी इजाजत :
प्रशासनिक स्तर पर इस बार पशु क्रूरता निवारण और स्वच्छता मानकों को लेकर विशेष मुस्तैदी दिखाई जा रही है। मंत्री कपिल मिश्रा ने अपनी घोषणा में यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि बकरीद के पावन अवसर पर गोवंश, गाय, बछड़े, ऊंट और कानून द्वारा प्रतिबंधित किसी भी अन्य जानवर की कुर्बानी देना पूरी तरह से गैरकानूनी और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। सरकार ने साफ किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत आपराधिक मामले दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने यह भी हिदायत दी है कि वैध पशुओं की कुर्बानी की प्रक्रिया भी केवल प्रशासन द्वारा पहले से ही निर्धारित और अधिकृत किए गए निजी या सामुदायिक स्थानों पर ही संपन्न की जा सकेगी।
स्वच्छता को लेकर कड़ा रुख: नालियों में खून या कचरा बहाने पर भारी जुर्माना और सजा का प्रावधान
दिल्ली सरकार के विकास मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए इन विस्तृत दिशानिर्देशों में दिल्ली की स्वच्छता और सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया है। नए नियमों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों, व्यस्त गलियों, रिहायशी इलाकों के पार्कों या किसी भी खुले सार्वजनिक स्थल पर किसी भी प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान या कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कुर्बानी के पश्चात निकलने वाले अवशेषों, कचरे अथवा रक्त को खुले सीवरों, नालियों या रास्तों पर बहाना सख्त मना है। इसके अतिरिक्त, दिल्ली के पारंपरिक बाजारों और सड़कों के किनारों पर अवैध रूप से मवेशियों की खरीद-बिक्री करने, बिना अनुमति के अस्थायी पशु बाजार सजाने और राज्यों की सीमाओं से होने वाली अवैध पशु तस्करी को रोकने के लिए भी नाकेबंदी और गश्त बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं।
जनता से निगरानी की अपील: नियमों की अवहेलना दिखने पर तुरंत पुलिस को दें सूचना
कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली के समस्त नागरिकों से इस संवेदनशील व्यवस्था को बनाए रखने में सरकार का सहयोग करने की भावुक और दृढ़ अपील की है। उन्होंने कहा कि त्योहार की पवित्रता स्वच्छता और शांति में ही निहित है, इसलिए इसे पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर ही मनाया जाना चाहिए। उन्होंने दिल्लीवासियों से आग्रह किया है कि यदि कोई भी असामाजिक तत्व या नागरिक इन नियमों की धज्जियां उड़ाता हुआ दिखाई दे, तो उसकी शिकायत तुरंत दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम या सीधे विकास मंत्रालय को भेजें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। पिछले वर्षों के दौरान राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों से खुले में कुर्बानी दिए जाने और उसके बाद फैली गंदगी को लेकर बड़े पैमाने पर स्थानीय लोगों की शिकायतें आई थीं, जिससे उत्पन्न हुए सांप्रदायिक और जनस्वास्थ्य के खतरों को भांपते हुए इस बार अरविंद केजरीवाल सरकार के मंत्रालय ने पहले ही कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
