टोंक: खेत में करंट दौड़ने से किसान की दर्दनाक मौत, मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा
टोंक के चंदलाई गांव में बिजली के पोल से करंट लगने के कारण किसान सीताराम गुर्जर की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। जानिए प्रशासन से क्या हुई मांग और क्या है पूरा मामला।

टोंक कलेक्ट्रेट परिसर में किसान की मौत के बाद मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
टोंक जिला मुख्यालय के सदर थाना क्षेत्र के चंदलाई गांव में खेत पर काम कर रहे 50 वर्षीय किसान सीताराम गुर्जर की बिजली का करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। देर रात हुई इस घटना के दौरान किसान खेत की मेड़ पर लगे लोहे के बिजली के पोल की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के तुरंत बाद परिजन आनन-फानन में एंबुलेंस के जरिए किसान को सआदत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि बकरा मंडी के लिए लगाया गया बिजली का पोल खेत की मेड़ पर स्थित था और विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण ही यह हादसा हुआ है। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया और सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे तक कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देने के बाद ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर टीना डाबी को ज्ञापन सौंपा। परिजनों ने बकरा मंडी के ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजे की मांग की। जिला कलेक्टर की ओर से मिले उचित आश्वासन के बाद ही परिजन पोस्टमार्टम के लिए सहमत हुए, जिसके बाद सआदत अस्पताल की मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम किया गया। प्रदर्शन के दौरान सदर थाना एसएचओ जयमल सिंह भारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे और फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

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