टोंक जिले के पचेवर थाना क्षेत्र में 9 जुलाई को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की सलाया-मथुरा क्रूड ऑयल पाइपलाइन में सेंध लगाकर करोड़ों रुपए के कच्चे तेल की चोरी करने वाली अंतरराज्यीय संगठित गैंग का पुलिस ने महज 15 दिनों में पर्दाफाश कर दिया। टोंक पुलिस ने इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सहित छह राज्यों से जुड़े 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस ने गैंग के मुख्य सरगना मेरठ निवासी मुनेश कुमार उर्फ फौजी को भी गिरफ्तार किया है, जो अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में दो दर्जन से अधिक पाइपलाइन चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।

टोंक पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देशन में शनिवार को की गई इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि 9 जुलाई को आईओसीएल के वरिष्ठ प्रचालन प्रबंधक राकेश प्रजापति ने पचेवर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 8 जुलाई को आईओसीएल की सर्वे टीम नियमित निरीक्षण के दौरान लड़ी गांव के समीप एसएमपीएल पाइपलाइन के चेनज 525.750 किलोमीटर पर पहुंची। वहां खेत के एक कोने में संदिग्ध रूप से कंटीली झाड़ियां डाली हुई थीं।

जब झाड़ियों को हटाकर खुदाई की गई तो मुख्य भूमिगत पाइपलाइन से लगभग 30 फीट लंबी दो इंच व्यास की एक अतिरिक्त पाइप जुड़ी हुई मिली, जिसके अंतिम सिरे पर वाल्व लगाया गया था। इससे स्पष्ट हो गया कि आरोपियों ने पाइपलाइन में अवैध कनेक्शन कर क्रूड ऑयल चोरी की पूरी व्यवस्था तैयार कर रखी थी।

आईओसीएल अधिकारियों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते इस अवैध कनेक्शन का पता नहीं चलता तो पाइपलाइन में रिसाव के कारण बड़ा विस्फोट या आग लग सकती थी, जिससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर हादसा हो सकता था। इसके बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मालपुरा पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी के सुपरविजन में वृत्ताधिकारी मालपुरा आशीष कुमार प्रजापत के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों में पचेवर थाना प्रभारी सूरजमल, लाम्बाहरिसिंह थाना प्रभारी घासीलाल, मोर थाना प्रभारी मुकेश कुमार, डीएसटी मालपुरा के उप निरीक्षक नारायण, वृत्त कार्यालय के हेड कांस्टेबल आलोक तथा डीसीआरबी टोंक के उप निरीक्षक सुरेश चांवला सहित कई पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर व्यापक सूचना संकलन किया। छह राज्यों में फैले सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया तथा राजस्थान सहित अन्य राज्यों में पाइपलाइन चोरी की पुरानी घटनाओं और उनमें शामिल अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला गया। लगातार 15 दिनों तक दिन-रात चले अभियान के बाद पुलिस ने अंतरराज्यीय गैंग के 12 सदस्यों की पहचान कर विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में पुलिस के सामने आया कि यह गैंग लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न राज्यों में भूमिगत पाइपलाइनों को निशाना बना रही थी। गैंग के सदस्य पहले कई दिनों तक इलाके की रेकी करते थे। इसके बाद रात के समय खेतों के रास्ते पाइपलाइन तक पहुंचकर खुदाई करते, विशेष उपकरणों की सहायता से पाइपलाइन में छेद कर वाल्व लगा देते और अतिरिक्त पाइप के माध्यम से क्रूड ऑयल निकालते थे।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अजमेर जिले के नसीराबाद सदर थाना क्षेत्र के मोतीपुरा तथा मांगलियावास थाना क्षेत्र के देवरा गांव में भी आईओसीएल पाइपलाइन में सेंध लगाकर चोरी करने की वारदात स्वीकार की है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ में देश के अन्य राज्यों में हुई कई और घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि गैंग का मुख्य सरगना मेरठ निवासी 60 वर्षीय मुनेश कुमार उर्फ फौजी है। वह लंबे समय से पाइपलाइन चोरी की घटनाओं में सक्रिय रहा है और देशभर में दो दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है। उसके नेतृत्व में संगठित गैंग विभिन्न राज्यों में जाकर पाइपलाइन चोरी की योजनाएं बनाती थी। मुनेश के निर्देश पर गैंग के सदस्य पहले स्थानीय स्तर पर सहयोगी तलाशते थे, फिर उपयुक्त स्थान का चयन कर भूमिगत पाइपलाइन में अवैध कनेक्शन जोड़ते थे। चोरी किए गए क्रूड ऑयल की बिक्री का नेटवर्क भी गैंग ने अलग से विकसित कर रखा था, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

पुलिस ने छह राज्यों से जुड़े 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के अपराधी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य सरगना मुनेश कुमार उर्फ फौजी (मेरठ), सतनाम सिंह (पंजाब), अजय सिंह वाघेला (गुजरात), राजेश कुमार (हरियाणा), अनीश कुमार (हरियाणा), धर्मेंद्र (मध्य प्रदेश), जाकिर हुसैन (मध्य प्रदेश), मोहनलाल गुर्जर (ब्यावर), नाथूराम गुर्जर (अजमेर), गोपाल गुर्जर (ब्यावर), शंकरलाल गुर्जर (टोंक) तथा प्रभुलाल बैरवा (लड़ी, टोंक) शामिल हैं। सभी आरोपियों से पुलिस पूछताछ जारी है और जांच के दौरान देश के अन्य राज्यों में हुई संभावित वारदातों के खुलासे की भी उम्मीद जताई जा रही है।

Pratahkal Newsroom

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