टोंक। मदरलैंड सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक अक्टूबर से सात अक्टूबर तक आयोजित 70वीं राज्य स्तरीय माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयी क्रीड़ा प्रतियोगिता के छात्र वर्ग अंडर-17 हॉकी का बुधवार को उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। सात दिनों तक चले इस खेल आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंची युवा हॉकी टीमों ने खेल कौशल, अनुशासन और खेल भावना का प्रदर्शन किया।

मदरलैंड के निदेशक कमलेश सिंगोदिया ने बताया कि प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में श्रीगंगानगर की टीम ने भीलवाड़ा को 1-0 से हराकर विजेता का खिताब अपने नाम किया। दोनों टीमों के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। शुरुआती तीन क्वार्टर में दोनों टीमें गोल के लिए संघर्ष करती रहीं और स्कोर 0-0 रहा। निर्णायक चौथे क्वार्टर में श्रीगंगानगर ने महत्वपूर्ण गोल दागकर बढ़त बनाई और अंत तक इसे कायम रखते हुए खिताब पर कब्जा जमाया।

प्रतियोगिता में प्रदेशभर की 40 टीमों के 702 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। गांधी खेल मैदान एवं सआदत पैवेलियन ग्राउंड पर हुए मुकाबलों में खिलाड़ियों ने तेज रफ्तार, शानदार पासिंग, ड्रिब्लिंग, आक्रमण और बेहतरीन गोलकीपिंग का प्रदर्शन किया। मुकाबले देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी भी मैदान पर मौजूद रहे।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार शर्मा, अध्यक्ष मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हेमन्त कुमार दीक्षित तथा विशिष्ट अतिथि पार्षद रामदेव गुर्जर एवं खेल प्रशिक्षक अनिल गुप्ता रहे। अतिथियों ने विजेता एवं उपविजेता टीम के खिलाड़ियों को ट्रॉफी, पदक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि खेल केवल जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, संघर्ष, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने खिलाड़ियों को हार से सीख लेकर निरंतर आगे बढ़ने तथा खेल के साथ शिक्षा पर भी समान रूप से ध्यान देने का संदेश दिया।

आयोजन समिति एवं मदरलैंड सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निदेशक कमलेश सिंगोदिया ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए शिक्षा विभाग, निर्णायकों, शारीरिक शिक्षकों, प्रशिक्षकों, खिलाड़ियों, अभिभावकों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टोंक में पहली बार इतने बड़े स्तर की हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन होना शहर के खेल इतिहास के लिए गौरव का विषय है।

समापन समारोह के दौरान पूरे प्रतियोगिता काल में खिलाड़ियों के बीच बने उत्साह और आपसी सौहार्द का भी उल्लेख किया गया। सात दिनों तक टोंक की धरती पर गूंजती हॉकी की आवाज ने यह संदेश दिया कि प्रतिभा को अवसर और उचित मंच मिले तो छोटे शहरों और कस्बों से भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं। राष्ट्रगान के साथ प्रतियोगिता के सफल आयोजन का औपचारिक समापन हुआ।

मंच संचालन गोवर्धन स्वर्णकार ने किया। इस अवसर पर निदेशक (अंग्रेजी माध्यम) रचित सिंगोदिया, प्रधानाचार्य आरती सैनी, धीरज जोशी, समृद्धि सैनी, राजकुमार साहू, कुलदीप सुरेलिया, नियंत्रण कक्ष के संयोजक प्रवीण काबरा, निर्णायक मण्डल के संयोजक दिग्विजय सिंह राणावत, सुरेश बुन्देल, किशन लाल कुम्हार, सैयद शाहीन अफरोज, रमेश चन्द विजय, विनोद शर्मा, बद्री लाल जाट, पंकज विजय, अशोक कुमार मीणा, महेन्द्र कुमार जाट, नैयर परवेज, धर्मचन्द खटीक, बुद्धि प्रकाश आचार्य, मधुसूदन शर्मा, सी. पी. विजय, मुशीर अहमद, राजेन्द्र शास्त्री, अनवर अशफाक, चतुर्भुज जाट, पंकज तंवर, सौरभ जैन, राजीव वर्मा, रामावतार यादव, तौसीफ अहमद, नदीम अख्तर समेत विद्यालय स्टाफ, दल प्रभारी, प्रशिक्षक, व्यवस्थार्थ लगे शारीरिक शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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