ठाणे में पानी की किल्लत: 15 अक्टूबर से 24 घंटे सप्लाई बंद, फिर हर हफ्ते 36 घंटे कटौती
एमआईडीसी ने रखरखाव और कम बारिश के अनुमान के चलते बारवी जलशुद्धीकरण केंद्र से होने वाली जलापूर्ति में कटौती का ऐलान किया है।

एमआईडीसी द्वारा बारवी जलशुद्धीकरण केंद्र में रखरखाव कार्य और संभावित जलसंकट के कारण डोंबिवली और तलोजा समेत कई क्षेत्रों में जलापूर्ति में कटौती की जा रही है।
महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) ने बारवी जलशुद्धीकरण केंद्र में रखरखाव और मरम्मत कार्य के चलते जलापूर्ति में कटौती करने का निर्णय लिया है। इसके तहत 15 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे से 16 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे तक लगातार 24 घंटे पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। इसके बाद 22 अक्टूबर से प्रत्येक गुरुवार की रात 12 बजे से शनिवार दोपहर 12 बजे तक 36 घंटे जलापूर्ति में कटौती की जाएगी। इस फैसले का असर डोंबिवली और तलोजा औद्योगिक क्षेत्रों के साथ कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका, उल्हासनगर महानगरपालिका तथा आसपास की ग्राम पंचायतों के क्षेत्रों पर पड़ेगा।
महाराष्ट्र शासन के जलसंपदा विभाग के 5 अक्टूबर 2026 के शासन निर्णय के अनुसार, इस वर्ष मानसून के बाद कम बारिश, अल नीनो के प्रभाव और अक्टूबर से मानसून के जल्दी लौटने की संभावना के कारण आगामी वर्ष में कम वर्षा होने का अनुमान है। इस स्थिति को देखते हुए बारवी बांध में उपलब्ध जल का 31 अगस्त 2027 तक उचित नियोजन करने के लिए शासन के निर्देशानुसार पानी की आपूर्ति में 10 प्रतिशत कटौती करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य आगामी अवधि में जलसंकट की स्थिति उत्पन्न होने से रोकना है।
एमआईडीसी के बारवी जलशुद्धीकरण केंद्र से होने वाली जलापूर्ति का नया कार्यक्रम 15 अक्टूबर की रात 12 बजे से लागू होगा। पहले चरण में 15 अक्टूबर की रात 12 बजे से 16 अक्टूबर की रात 12 बजे तक पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। इसके बाद 22 अक्टूबर से प्रत्येक गुरुवार की रात 12 बजे से शनिवार दोपहर 12 बजे तक 36 घंटे जलापूर्ति में कटौती की जाएगी। इस दौरान संबंधित क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता प्रभावित रहेगी।
जलापूर्ति में कटौती का असर औद्योगिक और आवासीय, दोनों क्षेत्रों पर पड़ने की संभावना है। डोंबिवली औद्योगिक क्षेत्र, तलोजा औद्योगिक क्षेत्र, कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका, उल्हासनगर महानगरपालिका और आसपास की ग्राम पंचायतों के क्षेत्रों में पानी की कमी हो सकती है। ऐसे में नागरिकों, स्थानीय निकायों और औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहले से पानी की व्यवस्था करनी होगी।
एमआईडीसी ने संबंधित औद्योगिक इकाइयों और घरेलू उपभोक्ताओं से जलापूर्ति बंद होने से पहले आवश्यक मात्रा में पानी का भंडारण करने की अपील की है। विभाग के अनुसार, आपूर्ति दोबारा शुरू होने के बाद भी कुछ समय तक पानी का दबाव कम रहने की संभावना है। इसलिए नागरिकों से पानी का सावधानीपूर्वक उपयोग करने और उपलब्ध जल का अनावश्यक अपव्यय रोकने का आग्रह किया गया है। 24 घंटे की पूर्ण जलापूर्ति बंदी और इसके बाद हर सप्ताह 36 घंटे की कटौती के कारण प्रभावित क्षेत्रों में जल प्रबंधन की चुनौती बनी रहेगी।

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