सरकार से राहत के बावजूद Vodafone Idea शेयर में भूचाल; 30 मिनट में 15% क्रैश
सरकार ने वोडाफोन-आइडिया के एजीआर बकाये पर 5 साल का मोरेटोरियम दिया, जिससे 87,695 करोड़ रुपये का भुगतान स्थिर हुआ। हालांकि, निवेशकों की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं और शेयर 30 मिनट में 15% तक टूट गए। नई टैक्स चुनौती के बीच कंपनी की वित्तीय स्थिति और बाजार सेंटिमेंट में अस्थिरता बनी हुई है।

Vodafone Idea share crash 2025 : साल 2025 का अंतिम कारोबारी दिन वोडाफोन-आइडिया (Vi) के लिए ऐतिहासिक रहा, जब सरकार ने कंपनी के पुराने एजीआर (AGR) बकाये पर ‘फुल स्टॉप’ लगाकर उसे डूबने से बचाया। केंद्रीय कैबिनेट के फैसले के तहत वोडाफोन-आइडिया के सिर पर लटके 87,695 करोड़ रुपये के बकाये को स्थिर कर दिया गया है। कंपनी को अगले पांच साल तक इसे चुकाने की जरूरत नहीं होगी, यानी वित्त वर्ष 2032 से भुगतान शुरू होगा और 2041 तक इसे पूरा करना होगा। यह मोरेटोरियम कंपनी के बिगड़े हुए कैश फ्लो को सुधारने के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है।
हालांकि, बाजार की प्रतिक्रिया इस फैसले से विपरीत रही। निवेशकों को उम्मीद थी कि सरकार बकाये का कोई बड़ा हिस्सा माफ करेगी, जो लगभग 45,457 करोड़ रुपये बनता है। लेकिन केवल भुगतान की तारीख आगे बढ़ाई गई, जिससे निवेशकों का विश्वास कमजोर हुआ और शेयर 30 मिनट के अंदर 15% तक टूट गया। बाद में हल्की रिकवरी हुई, लेकिन शेयर अभी भी ओपन प्राइस से लगभग 10% नीचे ट्रेड कर रहा है।
वास्तविक बकाया राशि महज 12,797 करोड़ रुपये थी, लेकिन पुराने नियमों और ब्याज व पेनाल्टी के कारण यह 83,400 करोड़ रुपये तक बढ़ गया। नए फैसले के बाद यह राशि 87,695 करोड़ रुपये पर लॉक की गई है। कंपनी अब तक लगभग 8,000 करोड़ रुपये चुका चुकी है, लेकिन ब्याज का बोझ कम होने का नाम नहीं ले रहा था। एयरटेल की तुलना में वोडाफोन-आइडिया का बकाया लगभग दोगुना है, जिसे सरकार ने स्थिर कर कंपनी को सेवाएं जारी रखने का अवसर दिया।
साथ ही, टैक्स विभाग ने नए साल की पूर्व संध्या पर तेलंगाना के जीएसटी विभाग द्वारा 6.78 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह मामला वित्त वर्ष 2021-22 में इनपुट टैक्स क्रेडिट के गलत दावों से जुड़ा है। वोडाफोन-आइडिया ने स्पष्ट किया है कि वे इस फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे, लेकिन फिलहाल यह कंपनी के लिए नई चुनौती बन गई है।
यह घटना दिखाती है कि एजीआर राहत भले ही वोडाफोन-आइडिया के लिए जीवनरेखा साबित हो, लेकिन निवेशकों और शेयर बाजार के लिए जोखिम अब भी बरकरार है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
