Toyota Fortuner VS Hyundai Palisade : भारतीय सड़कों पर टोयोटा फॉर्च्यूनर का जलवा सालों से बरकरार है, लेकिन अब दक्षिण कोरियाई दिग्गज हुंडई इस अजेय योद्धा को चुनौती देने को तैयार है। कंपनी की फ्लैगशिप एसयूवी पैलिसेड हाइब्रिड 2028 में भारतीय बाजार में कदम रखेगी, जो न केवल फॉर्च्यूनर की लग्जरी और पावर को टक्कर देगी, बल्कि हाइब्रिड तकनीक से ईंधन दक्षता का नया मानक भी स्थापित करेगी। स्थानीय उत्पादन की योजना के साथ यह एसयूवी 50 लाख रुपये के सेगमेंट में उतरेगी, जहां फॉर्च्यूनर का वर्चस्व अब खतरे में पड़ सकता है।


हुंडई मोटर इंडिया ने हाल ही में अपनी 2030 तक की रणनीति का खुलासा किया, जिसमें 26 नई मॉडल लॉन्च करने का ऐलान शामिल है। इनमें पैलिसेड हाइब्रिड प्रमुख स्थान रखती है, जो टोयोटा फॉर्च्यूनर, एमजी ग्लोस्टर और जीप मेरिडियन जैसे प्रतिद्वंद्वियों को सीधी चुनौती देगी। ऑटोकार इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह एसयूवी पूरी तरह भारत में ही तैयार की जाएगी, जिससे आयात शुल्क से बचाव होगा और कीमत प्रतिस्पर्धी बनेगी। फॉर्च्यूनर की एक्स-शोरूम कीमत 33.65 लाख से 48.85 लाख रुपये के बीच होने के मुकाबले पैलिसेड की अनुमानित कीमत 45-50 लाख रुपये रहेगी, जो इसे प्रीमियम लार्ज एसयूवी सेगमेंट की सबसे आकर्षक पेशकश बना सकती है।


पैलिसेड का डिजाइन बोल्ड और आक्रामक है, जो रेंज रोवर जैसी भव्यता को हुंडई की आधुनिकता से जोड़ता है। तीन-रो सीटिंग के साथ आठ सीटों का विकल्प, कैप्टन चेयर्स और विशाल केबिन इसे परिवारों के लिए आदर्श बनाते हैं। हुंडई टक्सन से भी बड़ी यह एसयूवी कंपनी की अब तक की सबसे विशाल गाड़ी साबित होगी। इंटीरियर में डुअल 12.3-इंच स्क्रीन्स, पैनोरमिक सनरूफ, फिंगरप्रिंट-बेस्ड इग्निशन, 14-स्पीकर बोस ऑडियो सिस्टम और लेवल-2 एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) जैसे फीचर्स लक्जरी का नया आयाम जोड़ेंगे। रियर ऑक्यूपेंट मॉनिटर और वी2एल (व्हीकल-टू-लोड) क्षमता से यह एसयूवी को भविष्योन्मुखी बनाएंगे।


पावरट्रेन के मामले में पैलिसेड हाइब्रिड ने सबको चौंका दिया है। इसमें 2.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन को इलेक्ट्रिक मोटर के साथ जोड़ा गया है, जो कुल 334 एचपी पावर और 460 एनएम टॉर्क उत्पन्न करता है। यह सेटअप 14.1 किलोमीटर प्रति लीटर की माइलेज देगा, और एक फुल टैंक (लगभग 72 लीटर) पर 1,015 किलोमीटर की रेंज प्रदान करेगा। छह-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ फ्रंट-व्हील ड्राइव स्टैंडर्ड होगा, जबकि ऑल-व्हील ड्राइव वैकल्पिक रहेगा। रिजेनरेटिव ब्रेकिंग और 'स्टे मोड' फीचर से इंजन बंद होने पर भी एसी और इंफोटेनमेंट एक घंटे तक चलेगा। वैश्विक बाजारों में उपलब्ध 3.5-लीटर वी6 पेट्रोल इंजन का भारत में आना मुश्किल लग रहा है, खासकर डीजल की घटती लोकप्रियता के बीच। हाइब्रिड सिस्टम न केवल प्रदूषण कम करेगा, बल्कि भारत सरकार की इलेक्ट्रिक व्हीकल नीतियों के अनुरूप भी होगा, जिसमें हाइब्रिड वाहनों को प्रोत्साहन मिल रहा है।


हुंडई की यह महत्वाकांक्षी योजना कंपनी के बाजार हिस्सेदारी को बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा है, जहां हाल के वर्षों में टाटा और महिंद्रा ने जमकर सेंध लगाई है। पैलिसेड का लॉन्च न केवल एसयूवी सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा को तीव्र करेगा, बल्कि हाइब्रिड तकनीक को मुख्यधारा में लाकर पर्यावरण-अनुकूल गतिशीलता को बढ़ावा देगा। जब यह विशालकाय एसयूवी भारतीय सड़कों पर उतरेगी, तो फॉर्च्यूनर का एकाधिकार टूट सकता है, और उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प मिलने से ऑटो बाजार में एक नया दौर शुरू हो जाएगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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