Economic Survey India 2026-27 : भारत की डिजिटल कनेक्टिविटी ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। देश में 5जी सेवाएं अब 99.9 प्रतिशत जिलों तक पहुंच चुकी हैं और दूरसंचार घनत्व 86.76 प्रतिशत पर पहुंच गया है। यह जानकारी गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण में दी गई, जो भारत के डिजिटल परिवर्तन की तेज रफ्तार को रेखांकित करती है।

सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत के दूरसंचार क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच मौजूद डिजिटल अंतर को पाटने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। इसी का परिणाम है कि दूरसंचार घनत्व 75.23 प्रतिशत से बढ़कर 86.76 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

डिजिटल रूप से सशक्त भारत की झलक :

आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि यह बदलाव सरकार के “डिजिटल रूप से सशक्त राष्ट्र” के दृष्टिकोण को दर्शाता है। दूरसंचार क्षेत्र में किए गए सुधार चार प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित रहे—

  • समावेशी: ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों तक संपर्क का विस्तार
  • विकसित: प्रदर्शन, सुधार और तकनीकी परिवर्तन
  • त्वरित: तेज विकास और सरल समाधान
  • सुरक्षित: सुरक्षित और संरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम


डेटा सेंटर क्षमता में तेज विस्तार :

सर्वेक्षण के अनुसार, जून 2025 तक भारत की स्थापित डेटा सेंटर क्षमता लगभग 1280 मेगावॉट थी। इसमें करीब 130 निजी डेटा सेंटर और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा संचालित 49 सरकारी डेटा सेंटर शामिल हैं।

आर्थिक समीक्षा 2025-26 के मुताबिक, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और 5जी जैसी उभरती तकनीकों के चलते 2030 तक डेटा सेंटर क्षमता बढ़कर लगभग 4 गीगावॉट होने का अनुमान है।

अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की मजबूती :

आर्थिक सर्वेक्षण में अंतरिक्ष क्षेत्र की प्रगति को भी रेखांकित किया गया है। भारत वर्तमान में 56 सक्रिय अंतरिक्ष संपत्तियों का संचालन कर रहा है, जिनमें शामिल हैं—

  • 20 संचार उपग्रह
  • 8 नेविगेशन उपग्रह
  • 4 वैज्ञानिक उपग्रह
  • 21 पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह
  • 3 प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मिशन

वर्ष 2025 में भारत ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए स्वायत्त उपग्रह डॉकिंग (SPADEX) तकनीक में सफलता प्राप्त की, जिससे वह यह क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया। इसके साथ ही अंतरिक्ष मिशनों में निजी क्षेत्र की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है।

100वां प्रक्षेपण और तकनीकी आत्मनिर्भरता :

सर्वेक्षण में बताया गया कि 29 जनवरी 2025 को स्वदेशी क्रायोजनिक चरण से लैस GSLV-F15 रॉकेट ने NVS-02 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया। यह श्रीहरिकोटा से किया गया 100वां अंतरिक्ष प्रक्षेपण था, जो भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और अंतरिक्ष क्षमता का प्रतीक है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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