डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (DoT) ने टेलीकॉम साइबर सुरक्षा (TCS) नियम, 2024 में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। यह संशोधन 22 अक्टूबर 2025 को लागू हुआ और इसका उद्देश्य बैंकिंग, ई-कॉमर्स और सरकारी डिजिटल सेवाओं में टेलीकॉम पहचानकर्ताओं के तेजी से एकीकरण के कारण उत्पन्न खतरों को कम करना है।

इस कदम के माध्यम से भारत ने यह स्पष्ट किया है कि देश सुरक्षित, पारदर्शी और जिम्मेदार टेलीकॉम संचालन के प्रति प्रतिबद्ध है। संशोधित नियम वर्तमान नियामक खामियों को पाटने और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने पर केंद्रित हैं। नए संशोधनों के तहत तीन प्रमुख पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।

1. मोबाइल नंबर सत्यापन (MNV) प्लेटफॉर्म

मोबाइल नंबर और वित्तीय या डिजिटल सेवाओं के बीच असत्यापित लिंकिंग से उत्पन्न “म्यूल अकाउंट” और पहचान धोखाधड़ी को रोकने के लिए MNV प्लेटफॉर्म को औपचारिक रूप दिया गया। यह प्लेटफॉर्म विकेंद्रीकृत और प्राइवेसी-कॉम्प्लायंट तंत्र के माध्यम से सेवा प्रदाताओं को यह सत्यापित करने की सुविधा देता है कि मोबाइल नंबर वास्तव में उसी व्यक्ति से संबंधित है जिसके क्रेडेंशियल रिकॉर्ड में हैं।

2. रिसेल डिवाइस स्क्रबिंग

भारत में सेकंड-हैंड मोबाइल बाजार बढ़ रहा है, जो चोरी या ब्लैकलिस्टेड फोन के परिसंचरण का कारण बन रहा है। संशोधित नियमों के अनुसार, रिसेल या रिफर्बिश्ड डिवाइस बेचने वाली संस्थाओं को प्रत्येक डिवाइस का IMEI नंबर केंद्रीय ब्लैकलिस्ट डेटाबेस से सत्यापित करना अनिवार्य है। इससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित होती है और चोरी हुए उपकरणों को ट्रैक करना आसान होता है।

3. टेलीकॉम आइडेंटिफायर यूज़र एंटिटी (TIUE) दायित्व

मोबाइल नंबर, IMEI और IP जैसे टेलीकॉम पहचानकर्ताओं का विभिन्न क्षेत्रों में प्रमाणीकरण और सेवा प्रदान करने के लिए उपयोग बढ़ गया है। संशोधित नियमों के तहत TIUEs को सरकारी तंत्र के साथ आवश्यक डेटा साझा करना अनिवार्य किया गया है। यह पारदर्शिता, जिम्मेदारी और साइबर धोखाधड़ी के मामलों में समन्वय बढ़ाने में मदद करेगा।


TCS संशोधन नियम, 2025 को G.S.R. 771(E) दिनांक 22.10.2025 में नोटिफ़ाई किया गया। गलती से, इसे G.S.R. 796(E) दिनांक 29.10.2025 में पुनः प्रकाशित किया गया था, जिसे अब G.S.R. 863(E) दिनांक 25.11.2025 के माध्यम से सही किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि मूल TCS संशोधन नियम 2025 प्रभावी और लागू हैं संशोधन से भारत का डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र सुरक्षित, पारदर्शी और भविष्य के लिए तैयार रहेगा। यह कदम इनोवेशन, प्राइवेसी और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में निर्णायक माना जा रहा है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

Next Story