गुजरात में लगेंगी दो हाई-टेक चिप यूनिट्स ; भारत में पहली GaN टेक डिस्प्ले यूनिट शुरू होने की तैयारी
केंद्र सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन के तहत दो नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें गैलियम नाइट्राइड तकनीक आधारित मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले यूनिट और सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट शामिल हैं। ये दोनों इकाइयां गुजरात में स्थापित होंगी। लगभग 3,936 करोड़ रुपये के निवेश से 2,230 से अधिक रोजगार सृजित होंगे।
सेमीकंडक्टर मिशन के तहत दो नई परियोजनाओं को मिली मंजूरी
भारत के तकनीकी और औद्योगिक विकास के सफर में एक और बड़ा कदम जोड़ते हुए केंद्र सरकार ने देश के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसके तहत देश में पहली बार गैलियम नाइट्राइड (GaN) तकनीक पर आधारित मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले निर्माण सुविधा और एक उन्नत सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट स्थापित की जाएगी।
ये दोनों अत्याधुनिक परियोजनाएं गुजरात में स्थापित की जाएंगी और इन्हें भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से भारत न केवल चिप निर्माण में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर विनिर्माण में अपनी स्थिति को भी सशक्त करेगा।
सरकारी मंजूरी प्राप्त इन दोनों इकाइयों का संचालन क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड (CML) और सुची सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड (SSPL) द्वारा किया जाएगा। इन परियोजनाओं में कुल मिलाकर लगभग 3,936 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इस बड़े निवेश के साथ इन इकाइयों से 2,230 से अधिक कुशल पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण की पूरी वैल्यू चेन को विकसित करना है, जिसमें चिप निर्माण, उन्नत पैकेजिंग और डिस्प्ले तकनीक शामिल हैं। गैलियम नाइट्राइड आधारित मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले सुविधा देश में अपनी तरह की पहली वाणिज्यिक इकाई होगी, जो अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले तकनीक के क्षेत्र में भारत को नई पहचान दिलाएगी।
सरकार का यह निर्णय उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत भारत को एक वैश्विक सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले भी सेमीकंडक्टर मिशन के तहत देश में कई परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें गुजरात, असम और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में विभिन्न निर्माण इकाइयों की स्थापना शामिल है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
