पंजाब इस समय तीव्र गर्मी और बिजली संकट के दोहरे दबाव से जूझ रहा है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचते ही राज्य के 273 इलाकों में व्यापक बिजली कटौती ने आम जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। यह संकट ऐसे समय में सामने आया है जब गर्मी अपने चरम पर है और बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी है।

पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) द्वारा लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला, बठिंडा और मोहाली सहित कई प्रमुख शहरों में निर्धारित रूप से बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है। यह कटौती 22 से 26 अप्रैल के बीच चलने वाले एक योजनाबद्ध अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बिजली ढांचे का उन्नयन, ट्रांसफार्मरों का प्रतिस्थापन और आवश्यक रखरखाव कार्य करना बताया गया है।

हालांकि, इस निर्णय का समय कई सवाल खड़े कर रहा है। एक ओर जहां भीषण गर्मी के कारण एयर कंडीशनर और कूलर जैसे उपकरणों के इस्तेमाल में तेज वृद्धि हुई है, वहीं दूसरी ओर बिजली की मांग लगभग 10,000 मेगावाट तक पहुंच गई है। इस बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है, जिसके चलते निर्धारित बिजली कटौती अपरिहार्य बताई जा रही है।

इन बिजली कटौतियों की अवधि अलग-अलग क्षेत्रों में 3 से 9 घंटे तक बताई जा रही है, जबकि कुछ स्थानों पर यह अवधि 10 से 12 घंटे तक भी पहुंच रही है। लंबे समय तक बिजली न रहने से न केवल कामकाजी लोगों के ‘वर्क फ्रॉम होम’ पर असर पड़ा है, बल्कि जल आपूर्ति और शीतलन व्यवस्था भी बाधित हुई है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति स्वास्थ्य के लिहाज से चिंताजनक बन गई है।

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बठिंडा जैसे क्षेत्रों में लोगों को पारंपरिक ‘पंखियों’ का सहारा लेना पड़ा। कई जगहों पर लोगों ने विरोध भी जताया, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ा है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाए हैं कि इस तरह के रखरखाव कार्यों का समय गर्मियों के चरम पर क्यों चुना गया।

बढ़ते विरोध और जनाक्रोश के बीच प्रशासन ने अब बिजली कटौती की अवधि को सीमित करने का निर्णय लिया है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि गर्मी के इस दौर में बिजली संकट ने न केवल बुनियादी सुविधाओं को प्रभावित किया है, बल्कि शासन-प्रशासन की योजना और प्रबंधन क्षमता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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