भारत सरकार की उत्पादन-सम्बंधित प्रोत्साहन योजना (PLI) ने देश की आर्थिक तस्वीर को गतिशील बना दिया है। इस योजना के तहत कंपनियों को उन प्रमुख क्षेत्रों में प्रोत्साहन दिया जाता है जो भारत में उत्पादन के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसका उद्देश्य घरेलू निर्माण को बढ़ावा देना, निर्यात में वृद्धि करना, रोजगार सृजित करना और आयात पर निर्भरता को कम करना है।

PLI योजना 14 से अधिक क्षेत्रों को कवर करती है, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स और बल्क ड्रग्स, ऑटोमोटिव एवं ऑटो कंपोनेंट्स, व्हाइट गुड्स, वस्त्र उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, स्पेशलिटी स्टील, मेडिकल डिवाइस, टेलीकॉम और अन्य शामिल हैं। इन क्षेत्रों में निवेश और उत्पादन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। सरकार के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, PLI योजनाओं के तहत कुल निवेश लगभग ₹1.76 लाख करोड़ तक पहुँच चुका है। इन निवेशों के परिणामस्वरूप उत्पादन एवं बिक्री ₹16.5 लाख करोड़ को पार कर चुकी है। योजना के तहत सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में उत्पादन मूल्य में लगभग 146% की वृद्धि हुई है, जबकि मोबाइल निर्यात में 775% की तेजी देखी गई। फार्मास्यूटिकल्स और बल्क ड्रग्स क्षेत्र में कुल बिक्री ₹2.66 लाख करोड़ तक पहुंच गई, जिसमें निर्यात ₹1.70 लाख करोड़ के आसपास रहा। व्हाइट गुड्स और एलईडी क्षेत्र में हाल ही में ₹3,516 करोड़ के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। ऑटोमोटिव और ऑटो कंपोनेंट्स क्षेत्र में ₹29,576 करोड़ का निवेश तय हुआ और लगभग 45,000 रोजगार सृजित हुए।

पिछले कुछ महीनों में, वस्त्र क्षेत्र में PLI योजना को संशोधित किया गया है। अब मौजूदा कंपनियाँ भी नए उत्पादक इकाइयाँ स्थापित कर सकती हैं, जिससे भागीदारी का दायरा बढ़ा और ताजगी निवेश को प्रोत्साहन मिला। इसके अलावा, व्हाइट गुड्स और स्पेशलिटी स्टील क्षेत्रों में नई निवेश राउंड्स को बढ़ावा दिया जा रहा है।

साल 2025 में PLI योजना भारत की निर्माण क्षमता को सुदृढ़ करने और आयात पर निर्भरता कम करने के मुख्य उपकरण के रूप में उभरी है। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, ऑटो एवं व्हाइट गुड्स में निवेश लगातार बढ़ रहा है। इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी निर्माण में, ओला इलेक्ट्रिक मोबाइलिटी लिमिटेड ने इस योजना का लाभ उठाते हुए अपनी क्षमता स्थापित की है। इसके साथ ही, कुछ उद्योग जैसे सीमलेस पाइप्स, भी PLI जैसे प्रोत्साहन की मांग कर रहे हैं, जो योजना के विस्तार की संभावना दर्शाता है।

PLI योजना 2025 ने निवेश, उत्पादन और रोजगार में अभूतपूर्व गति दी है। इससे भारत में घरेलू निर्माण और निर्यात दोनों को बल मिला है। नई नीति संशोधन और क्षेत्रीय विस्तार से यह स्पष्ट होता है कि PLI योजना आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक विकास यात्रा में एक प्रमुख भूमिका निभाने वाली है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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