राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस हर वर्ष 11 मई को मनाया जाता है, जो 1998 के पोखरण-II परमाणु परीक्षण और भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों की स्मृति का प्रतीक है। 1999 में इसे आधिकारिक दर्जा मिला। 2026 की थीम “जिम्मेदार नवाचार के माध्यम से समावेशी विकास” घोषित की गई है, जो तकनीक के नैतिक और समावेशी उपयोग पर जोर देती है।

भारत हर वर्ष 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में उन ऐतिहासिक वैज्ञानिक उपलब्धियों को याद करता है, जिन्होंने देश को तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह दिन विशेष रूप से वर्ष 1998 की उस ऐतिहासिक उपलब्धि की स्मृति में मनाया जाता है, जब भारत ने ऑपरेशन शक्ति के तहत पोखरण-II परमाणु परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किए थे। इस परीक्षण ने भारत को परमाणु क्षमता संपन्न देशों की श्रेणी में स्थापित कर दिया था और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश की क्षमता को विश्व पटल पर मजबूती से प्रस्तुत किया था।

इसी ऐतिहासिक दिन के दौरान भारत ने स्वदेशी विमान हंसा-3 की सफल परीक्षण उड़ान और कई महत्वपूर्ण मिसाइल परीक्षणों के माध्यम से अपनी तकनीकी प्रगति का परिचय भी दिया था। इन उपलब्धियों ने भारत के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और रक्षा अनुसंधान से जुड़े विशेषज्ञों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान दिलाया। वर्ष 1999 में भारत सरकार ने इन ऐतिहासिक घटनाओं के महत्व को देखते हुए 11 मई को आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस घोषित किया। यह पहल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत तकनीकी विकास बोर्ड से जुड़ी रही है, जिसका उद्देश्य देश में नवाचार और अनुसंधान को प्रोत्साहन देना रहा है।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का महत्व केवल ऐतिहासिक उपलब्धियों की स्मृति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी विकास की निरंतर यात्रा का प्रतीक भी है। यह दिवस वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों के योगदान को सम्मान देने के साथ-साथ देश में नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी प्रगति को गति देने का संदेश भी देता है। आज भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रक्षा प्रणाली, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में तेजी से प्रगति कर रहा है, जिसे इस दिवस के माध्यम से और अधिक प्रोत्साहन मिलता है।

हर वर्ष इस अवसर पर एक विशेष थीम घोषित की जाती है, जो देश की तकनीकी प्राथमिकताओं और भविष्य की दिशा को दर्शाती है। वर्ष 2026 के लिए घोषित थीम “जिम्मेदार नवाचार के माध्यम से समावेशी विकास” है। यह थीम इस बात पर केंद्रित है कि तकनीक का उपयोग नैतिक, सतत और संतुलित तरीके से किया जाए, ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की खाई को कम किया जा सके और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रक्षा तथा डिजिटल ढांचे में हो रहे नवाचारों का लाभ समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंच सके।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें वैज्ञानिकों और स्टार्टअप्स को सम्मानित किया जाता है, तकनीकी प्रदर्शनियों का आयोजन होता है तथा शैक्षणिक संस्थानों में विज्ञान और नवाचार से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। यह दिन भारत की उस वैज्ञानिक सोच और नवाचार क्षमता का प्रतीक बन चुका है, जो देश को आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में लगातार आगे बढ़ा रहा है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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