दुनिया की जानी-मानी टेक दिग्गज Meta (Facebook की पैरेंट कंपनी) एक नए विवाद के केंद्र में आ गई है। अमेरिकी एडल्ट फिल्म प्रोडक्शन हाउस Strike 3 Holdings ने Meta पर 350 मिलियन डॉलर (करीब ₹2,900 करोड़) का मुकदमा दायर करते हुए आरोप लगाया है कि कंपनी ने गुपचुप तरीके से हजारों पोर्न वीडियोज़ डाउनलोड कर अपने AI मॉडल्स को ट्रेन करने में इस्तेमाल किया। यह दावा न सिर्फ टेक इंडस्ट्री को झकझोर रहा है, बल्कि इसने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की नैतिक सीमाओं पर भी गहरी बहस छेड़ दी है।

Strike 3 Holdings का कहना है कि उसने Meta से जुड़े कुछ IP एड्रेस ट्रैक किए हैं, जिनसे उसके कॉपीराइटेड एडल्ट वीडियोज़ BitTorrent नेटवर्क के ज़रिए डाउनलोड किए गए। स्टूडियो के मुताबिक, यह गतिविधि 2018 से जारी थी यानी उस वक्त से जब Meta ने अपने AI रिसर्च प्रोजेक्ट्स की आधिकारिक शुरुआत भी नहीं की थी। मुकदमे में दावा किया गया है कि इन वीडियोज़ का इस्तेमाल Meta के ‘Movie Gen’ AI वीडियो जेनरेटर और ‘LLaMA’ लैंग्वेज मॉडल को ट्रेन करने में किया गया। कंपनी का कहना है कि Meta ने यह सब एक गुप्त नेटवर्क के ज़रिए किया, जिसमें 2,500 से ज्यादा IP एड्रेस शामिल थे।

Meta ने इन आरोपों को झूठा और निराधार बताया है। कंपनी का कहना है कि यह मुकदमा “महज अटकलों पर आधारित” है और इसमें किसी तरह के ठोस सबूत नहीं दिए गए हैं। Meta ने अमेरिकी अदालत से केस को तुरंत खारिज करने की मांग की है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, “हमारी नीतियों में स्पष्ट रूप से अश्लील या यौन सामग्री के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। Meta ने कभी भी ऐसा डेटा अपने AI मॉडल्स के लिए उपयोग नहीं किया।”

हालांकि, Meta ने यह भी जोड़ा कि अगर किसी IP एड्रेस से ऐसा डाउनलोड हुआ है, तो यह किसी व्यक्ति विशेष की हरकत हो सकती है, कंपनी की नहीं। Meta ने दावा किया कि उसने अपने कर्मचारियों को कभी भी ऐसे कंटेंट को एक्सेस करने या इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी।

मामले की टाइमलाइन पर भी विवाद है। Meta के मुताबिक, उसके बड़े AI प्रोजेक्ट्स जैसे LLaMA की शुरुआत 2022 में हुई थी, जबकि Strike 3 के आरोप 2018 के हैं। कंपनी का कहना है कि यह तकनीकी रूप से असंभव है कि इतने साल पहले किसी कथित डाउनलोडिंग को उसके मौजूदा मॉडल्स से जोड़ा जाए।

वहीं, Strike 3 Holdings अपने आरोपों पर अडिग है। उसने कहा कि Meta ने उसकी लगभग 2,400 कॉपीराइटेड फिल्मों का इस्तेमाल अपने सिस्टम्स को सिखाने में किया और यह “स्पष्ट उल्लंघन” है। दूसरी ओर, Meta ने स्टूडियो को “कॉपीराइट ट्रोल” करार देते हुए कहा कि वह झूठे मुकदमों के ज़रिए पैसा वसूलने का तरीका बना चुका है।

यह मामला अब अमेरिकी अदालत में पहुंच चुका है और टेक इंडस्ट्री बारीकी से इसकी निगरानी कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर Strike 3 अपने आरोपों को साबित कर देता है, तो यह मामला सिर्फ Meta के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी AI इंडस्ट्री के डेटा एथिक्स के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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