MeitY SOP 2025 : डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते आपत्तिजनक और गैर-सहमति वाले निजी कंटेंट के प्रसार पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मंगलवार को इस संबंध में एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure – SOP) जारी की है। यह दिशा-निर्देश मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप तैयार किए गए हैं, जिनका उद्देश्य ऑनलाइन पारिस्थितिकी को अधिक सुरक्षित, संवेदनशील और जवाबदेह बनाना है।

नई SOP के तहत, सभी सोशल मीडिया और डिजिटल इंटरमीडियरीज़ को यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें प्राप्त होने वाली किसी भी गैर-सहमति वाले निजी या आपत्तिजनक कंटेंट (Non-Consensual Intimate Imagery – NCII) की शिकायत पर वे 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करें। इस कार्रवाई में कंटेंट को प्लेटफॉर्म से हटाना या उसकी पहुँच को रोकना अनिवार्य होगा।

पीड़ित व्यक्ति अब ऐसे मामलों की शिकायत वन स्टॉप सेंटर (OSC), राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) या संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इन-ऐप रिपोर्टिंग सिस्टम के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। इस प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाने के लिए सरकार ने विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय तंत्र स्थापित किया है।

MeitY ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (SSMIs) को अब हैश-मैचिंग और क्रॉलर टेक्नोलॉजी का उपयोग कर इस तरह के कंटेंट की दोबारा पोस्टिंग रोकनी होगी। साथ ही, प्लेटफॉर्म्स को अपनी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्रालय के ‘सहयोग (Sahyog)’ पोर्टल पर साझा करनी होगी, जो भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के तहत संचालित है।

इस SOP में I4C को केंद्रीय नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है, जो शिकायतों का समन्वय करेगी, NCII हैश बैंक बनाए रखेगी और संबंधित एजेंसियों को तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी। वहीं, दूरसंचार विभाग (DoT) इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर चिन्हित वेबसाइटों और URL को ब्लॉक करने का कार्य करेगा।

MeitY पूरे तंत्र की निगरानी करेगा और सभी हितधारकों के बीच समन्वय सुनिश्चित करेगा ताकि कोई भी शिकायत लंबित न रहे। मंत्रालय का कहना है कि यह कदम विशेष रूप से महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा, निजता और गरिमा की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

इस पहल से सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में किसी भी तरह की ऑनलाइन अभद्रता या निजी आपत्तिजनक सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कदम न केवल साइबर अपराध पर नियंत्रण लाने की दिशा में प्रभावी साबित होगा, बल्कि भारत को सुरक्षित डिजिटल समाज बनाने के लक्ष्य के और करीब ले जाएगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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