MeitY Issue Advisory To Meta: मेटा को सरकार का निर्देश, सोशल मीडिया रिकमेंडेशन सिस्टम सुधारे
मंत्रालय ने मेटा को एल्गोरिदम समीक्षा के साथ भ्रामक व हिंसा भड़काने वाली सामग्री पर निगरानी सख्त करने के निर्देश दिए हैं।

मेटा के रिकमेंडेशन सिस्टम पर नई एडवाइजरी।
केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook और Instagram के संचालन तथा कंटेंट वितरण प्रणाली को लेकर मेटा को नए निर्देश दिए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कंपनी से अपने रिकमेंडेशन सिस्टम की समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उपयोगकर्ताओं को किसी एक या सीमित संख्या में नैरेटिव तक असमान रूप से सीमित न रखा जाए। सरकार ने सार्वजनिक अव्यवस्था पैदा करने, हिंसा भड़काने या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली सामग्री पर निगरानी मजबूत करने के निर्देश भी दिए हैं।
द इंडियन एक्सप्रेस की 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने 10 अक्टूबर को जारी एक एडवाइजरी में मेटा से सार्वजनिक घटनाओं से संबंधित तस्वीरों, वीडियो, ग्राफिक्स और अन्य सामग्री के साथ पर्याप्त संदर्भ उपलब्ध कराने को कहा था। इसका उद्देश्य ऐसी सामग्री के बारे में उपयोगकर्ताओं को जरूरी जानकारी देना है, जिसकी प्रामाणिकता, तारीख, स्थान या परिस्थितियों की वे आसानी से पुष्टि नहीं कर सकते।
एडवाइजरी में किसी विशेष घटना को इसके पीछे का कारण नहीं बताया गया है। हालांकि, यह निर्देश ऐसे समय में आया है, जब दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दलों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों से संबंधित सामग्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आई है। CJP और विपक्षी दलों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किए हैं।
मंत्रालय के निर्देशों का प्रमुख उद्देश्य सोशल मीडिया पर सामग्री की प्रस्तुति और उसके प्रसार में संतुलन सुनिश्चित करना है। रिकमेंडेशन एल्गोरिदम यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं कि उपयोगकर्ताओं को प्लेटफॉर्म पर किस तरह की सामग्री दिखाई जाए। ऐसे में सरकार ने मेटा से इन प्रणालियों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उपयोगकर्ताओं के सामने केवल एक या कुछ सीमित दृष्टिकोण ही अनुपातहीन रूप से न आएं।
इसके साथ ही, सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने, हिंसा भड़काने और कानून का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली सामग्री की पहचान तथा उस पर कार्रवाई के लिए सुरक्षा उपाय मजबूत करने को कहा गया है। मेटा के लिए इन निर्देशों का महत्व इसलिए भी है क्योंकि Facebook और Instagram दोनों प्लेटफॉर्म कंपनी के स्वामित्व में हैं और इन पर सामग्री के वितरण तथा अनुशंसा की प्रणालियों का संचालन कंपनी करती है।
सरकार की एडवाइजरी ऐसे समय में आई है, जब सोशल मीडिया पर सार्वजनिक घटनाओं से जुड़ी सामग्री की प्रामाणिकता, उसके संदर्भ और अलग-अलग नैरेटिव के प्रसार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब मेटा के सामने अपने रिकमेंडेशन सिस्टम की समीक्षा करने और संदर्भहीन या संभावित रूप से भ्रामक सामग्री से जुड़े जोखिमों पर नियंत्रण मजबूत करने की चुनौती है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
