हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी ने अपने दूसरे प्लांट में व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है। नए प्लांट के चालू होने से खरखौदा की कुल उत्पादन क्षमता 5 लाख वाहन प्रतिवर्ष हो गई है, जबकि कंपनी की देशभर की कुल क्षमता 26.5 लाख यूनिट तक पहुंच गई है।

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनियों में शामिल मारुती सुजुकी ने हरियाणा के खरखौदा स्थित अपने मेगा मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट में एक और बड़ा कदम उठाते हुए 18 मई 2026 से दूसरे प्लांट में आधिकारिक तौर पर व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है। इस नई शुरुआत के साथ कंपनी ने भारत में अपने उत्पादन विस्तार की दिशा में मजबूत संकेत दिए हैं। नए प्लांट के शुरू होने से खरखौदा इकाई की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता अब 5 लाख वाहनों तक पहुंच गई है, जबकि कंपनी की देशभर में कुल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़कर लगभग 26.5 लाख वाहन प्रतिवर्ष हो गई है।

कंपनी ने शेयर बाजारों को दी गई आधिकारिक जानकारी में बताया कि दूसरा प्लांट भी पहले प्लांट की तरह हर साल 2.5 लाख वाहनों के निर्माण की क्षमता रखता है। इससे पहले फरवरी 2025 में खरखौदा के पहले प्लांट में व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया गया था, जहां शुरुआत में मारुति सुजुकी ब्रेज़ा कॉम्पैक्ट एसयूवी का निर्माण किया गया। अब दोनों यूनिट्स मिलकर हर साल 5 लाख वाहनों का उत्पादन करेंगी, जिससे कंपनी की उत्पादन क्षमता और बाजार पकड़ दोनों को बड़ा बल मिलने की उम्मीद है।

करीब 900 एकड़ में फैला खरखौदा प्रोजेक्ट मारुति सुजुकी के भविष्य के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल हब्स में गिना जा रहा है। हरियाणा में विकसित यह विशाल परियोजना कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। कंपनी की योजना आने वाले वर्षों में इस साइट की कुल उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 10 लाख वाहन प्रतिवर्ष तक पहुंचाने की है। इस विस्तार को भारत के ऑटो सेक्टर में बढ़ती एसयूवी मांग और निर्यात क्षमता से जोड़कर देखा जा रहा है।

मारुति सुजुकी ने स्पष्ट किया है कि उसका मौजूदा उत्पादन नेटवर्क देशभर में चार प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग लोकेशनों में फैला हुआ है। गुरुग्राम प्लांट की क्षमता 5 लाख यूनिट प्रतिवर्ष, मानेसर की 9 लाख यूनिट, गुजरात के हंसलपुर प्लांट की 7.5 लाख यूनिट और अब खरखौदा की क्षमता 5 लाख यूनिट प्रतिवर्ष हो चुकी है। कंपनी के अनुसार यह विस्तार वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 5 लाख अतिरिक्त यूनिट उत्पादन क्षमता जोड़ने की पूर्व घोषित रणनीति का हिस्सा है।

इस बीच मार्च 2025 में कंपनी के बोर्ड ने खरखौदा में तीसरे प्लांट को भी मंजूरी दे दी थी। लगभग 7,410 करोड़ रुपये के निवेश वाले इस नए प्लांट के 2029 तक शुरू होने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने के बाद अकेले खरखौदा परियोजना की कुल उत्पादन क्षमता 7.5 लाख वाहन प्रतिवर्ष तक पहुंच जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार खरखौदा परियोजना केवल एक नया कारखाना नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


बढ़ती घरेलू मांग, निर्यात विस्तार और एसयूवी सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाने की रणनीति के बीच यह परियोजना मारुति सुजुकी के भविष्य की सबसे अहम योजनाओं में शामिल मानी जा रही है। कंपनी ने हाल ही में वित्त वर्ष 2026 में 23.4 लाख वाहनों का रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया था, जिससे हरियाणा एक बार फिर देश के सबसे बड़े ऑटो मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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