लक्ज़री घड़ियों की दुनिया में एक बार फिर हैरत और आकर्षण का संगम देखने को मिला है। हाल ही में सामने आई एक तस्वीर ने भारत में चर्चा का केंद्र बना दिया है, जिसमें उद्योगपति मुकेश अंबानी के पुत्र अनंत अंबानी एक बेहद दुर्लभ और भव्य घड़ी पहने नजर आए। यह घड़ी कोई सामान्य टाइमपीस नहीं, बल्कि आध्यात्मिक प्रतीकों और अत्याधुनिक कारीगरी का अद्वितीय संगम है, जिसे अंतरराष्ट्रीय लक्ज़री ब्रांड जैकब एंड कंपनी ने तैयार किया है।

इस विशेष घड़ी का नाम ‘ओपेरा गॉडफादर बैगुएट शिवा’ है, जिसकी अनुमानित कीमत 10 से 12 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। जैसे ही यह तस्वीर सामने आई, सोशल मीडिया और लक्ज़री बाजार में इसकी चर्चा तेज हो गई। यह घड़ी न केवल अपनी कीमत के कारण बल्कि अपने डिजाइन और अवधारणा के कारण भी सुर्खियों में है।



इस घड़ी की सबसे खास बात इसका डायल है, जिसमें भगवान शिव की एक सूक्ष्म और बारीक आकृति उकेरी गई है। इसके साथ ही ‘ॐ’ का पवित्र चिन्ह भी इसमें शामिल किया गया है, जो इसे आध्यात्मिक आयाम प्रदान करता है। 300 से अधिक बैगुएट कट हीरों से सजी यह घड़ी 18 कैरेट रोज़ गोल्ड केस में तैयार की गई है, जो इसकी भव्यता को और बढ़ाता है। तकनीकी दृष्टि से भी यह घड़ी बेहद जटिल है, क्योंकि इसमें ट्रिपल-एक्सिस टूरबिलॉन जैसी उन्नत घड़ी निर्माण तकनीक का उपयोग किया गया है। इतना ही नहीं, इसमें एक म्यूजिक बॉक्स भी शामिल है, जो एक विशेष धुन बजाता है। लगभग 658 अलग-अलग पुर्जों से बनी यह घड़ी पूरी तरह से यूनिक है, यानी दुनिया में इसकी केवल एक ही प्रति मौजूद है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि यह कोई व्यावसायिक लॉन्च नहीं है, बल्कि एक कस्टम-निर्मित लक्ज़री कलेक्टिबल है, जिसे खास तौर पर बेहद चुनिंदा और उच्च-स्तरीय ग्राहकों के लिए तैयार किया जाता है। इस तरह की घड़ियां आम बाजार में उपलब्ध नहीं होतीं, बल्कि इन्हें विशेष ऑर्डर पर डिजाइन किया जाता है।



जैकब एंड कंपनी, जिसकी स्थापना 1986 में न्यूयॉर्क में डायमंड डिजाइनर जैकब अराबो ने की थी, दुनिया भर में अपनी अनोखी और भव्य घड़ियों और ज्वेलरी के लिए जानी जाती है। कंपनी ने 1990 के दशक में पुरुषों के लिए बड़े डायमंड ज्वेलरी के चलन को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। आज यह ब्रांड अपने अनूठे डिजाइनों और तकनीकी उत्कृष्टता के कारण वैश्विक लक्ज़री बाजार में एक प्रतिष्ठित नाम बन चुका है।

अनंत अंबानी द्वारा इस घड़ी को पहनना केवल एक फैशन स्टेटमेंट नहीं, बल्कि लक्ज़री, आध्यात्मिकता और तकनीकी उत्कृष्टता के संगम का प्रतीक बनकर उभरा है। यह घटना यह भी दर्शाती है कि कैसे परंपरा और आधुनिकता का मेल वैश्विक स्तर पर नई परिभाषाएं गढ़ रहा है।

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Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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