मेटा द्वारा फर्जी प्रोफाइल और निष्क्रिय खातों को सीधे डिलीट करने के कारण दुनिया भर के डिजिटल क्रिएटर्स की पहुंच और फॉलोअर्स की संख्या में भारी गिरावट आई है।

Instagram followers dropping 2026 : क्या आप भी सुबह उठकर अपना सोशल मीडिया हैंडल देखते हैं और अचानक फॉलोअर्स की संख्या कम पाकर निराश हो जाते हैं? अगर हाँ, तो घबराइए मत, क्योंकि इस समय दुनिया भर के करोड़ों यूज़र्स, मशहूर सेलिब्रिटीज और बड़े-बड़े डिजिटल क्रिएटर्स इसी अजीबोगरीब और सनसनीखेज संकट से जूझ रहे हैं। दरअसल, मेटा (Meta) के स्वामित्व वाले लोकप्रिय फोटो और वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) ने फर्जी और बॉट अकाउंट्स के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और आक्रामक सुरक्षा अभियान छेड़ दिया है। इस अभूतपूर्व कार्रवाई के कारण पिछले कुछ समय में दुनिया भर के यूज़र्स के फॉलोअर्स की संख्या ताश के पत्तों की तरह ढह रही है। डिजिटल दुनिया के इस 'महाशुद्धिकरण' ने सोशल मीडिया के उस तिलस्म को तोड़ना शुरू कर दिया है, जो सिर्फ फर्जी नंबरों और स्पैम खातों के दम पर टिका हुआ था, जिसने अब असली और नकली एंगेजमेंट के बीच एक बेहद गहरी लकीर खींच दी है।

इस पूरे वैश्विक घटनाक्रम और इसके पीछे की मुख्य वजहों को तकनीकी और व्यावहारिक नजरिए से समझना बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया विश्लेषकों ने इस कार्रवाई को साल 2026 के शुरुआती मई का 'द ग्रेट पर्ज ऑफ 2026' (6-7 मई 2026 के आसपास का महाअभियान) नाम दिया है, जिसके तहत इंस्टाग्राम के उन्नत ऑटोमेटेड सुरक्षा सिस्टम ने बड़े पैमाने पर निष्क्रिय, फर्जी और पोर्न बॉट्स जैसे खतरनाक स्पैम प्रोफाइल्स को सीधा प्लेटफॉर्म से डिलीट करना शुरू कर दिया है. पहले की व्यवस्था में जब मेटा किसी फर्जी या स्पैम अकाउंट को हटाता था, तो वे यूज़र्स की फॉलोअर्स लिस्ट में "निष्क्रिय खातों" के रूप में दिखाई देते रहते थे, जिससे सिर्फ नंबर बढ़ते थे। लेकिन हालिया एल्गोरिथम अपडेट के बाद इंस्टाग्राम अब केवल वास्तविक और प्रामाणिक जुड़ाव (Authentic Engagement) को बढ़ावा दे रहा है, जिसके चलते इन खातों को बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे जड़ से खत्म किया जा रहा है. यही वजह है कि छोटे यूज़र्स से लेकर लाखों की फॉलोइंग वाले बड़े क्रिएटर्स तक को महज 24 घंटों के भीतर सैकड़ों और हजारों फॉलोअर्स खोने पड़ रहे हैं. इसका सीधा असर पोस्ट के लाइक्स, रीच और स्टोरीज के व्यूज पर भी देखा जा रहा है, जिससे पहले 500 लाइक्स पाने वाले यूज़र्स अब 100 लाइक्स के लिए भी तरस रहे हैं.

तकनीकी सुरक्षा और प्लेटफॉर्म की कानूनी गाइडलाइंस के लिहाज से इंस्टाग्राम का यह कड़ा रुख बेहद महत्वपूर्ण है। इंस्टाग्राम की सुरक्षा प्रणाली अब उन प्रोफाइल्स को अस्थायी रूप से ब्लॉक या पूरी तरह सस्पेंड कर रही है, जिन पर लगातार स्पैम एक्टिविटी पाई जाती है या जो कम्युनिटी गाइडलाइंस और प्राइवेसी पॉलिसी का बार-बार उल्लंघन करते हैं। इस साइबर और स्पैम खतरे से निपटने के लिए इंस्टाग्राम ने यूज़र्स को 'फ्लैग फॉर रिव्यू' (Flag for Review) जैसा एक बेहद आधुनिक और कारगर इन-बिल्ट फीचर भी प्रदान किया है। इस सुरक्षा फीचर को ऑन करने से यूज़र्स अपने अकाउंट पर आने वाले संदिग्ध या बॉट फॉलोअर्स को खुद ही फिल्टर करके ब्लॉक कर सकते हैं, जिससे उनका अकाउंट सुरक्षित रहता है। इस डिजिटल सफाई के बीच डेटा के लेग (Lag) के कारण यूज़र्स को कभी-कभी फॉलोअर्स की संख्या में अचानक उतार-चढ़ाव या बिना किसी नए नोटिफिकेशन के नंबर बढ़ते-घटते दिखाई देते हैं, जो वास्तव में मेटा के बैकएंड डेटा फिल्टरेशन की प्रक्रिया का हिस्सा है।

इस बड़े अभियान के बीच साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स ने इंटरनेट पर तेजी से फैल रहे एक और बड़े खतरे को लेकर यूज़र्स को बेहद सख्त चेतावनी जारी की है। आजकल सोशल मीडिया पर "फ्री फॉलोअर्स", "इंस्टेंट वन मिलियन व्यूज" या "रातों-रात अकाउंट ग्रोथ" देने का दावा करने वाले विज्ञापनों की बाढ़ आ गई है। राजेश बंदोत्रा जैसे प्रमुख अवेयरनेस क्रिएटर्स ने साफ किया है कि इस तरह के लालच देने वाले विज्ञापन पूरी तरह फर्जी और धोखाधड़ी से भरे होते हैं। फ्री के लालच में आकर किसी थर्ड-पार्टी ऐप या वेबसाइट को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट का एक्सेस देने से न केवल यूज़र्स का निजी डेटा लीक हो सकता है, बल्कि उनका पूरा प्रोफाइल हैक हो सकता है। इतना ही नहीं, ऐसी अवैध गतिविधियों से आने वाली फेक एंगेजमेंट को पहचानकर इंस्टाग्राम का एल्गोरिथम आपके अकाउंट को हमेशा के लिए सस्पेंड भी कर सकता है।

इंाग्राम द्वारा चलाए जा रहे इस कड़े सफाई अभियान का दीर्घकालिक प्रभाव सोशल मीडिया इंडस्ट्री के लिए एक बेहद सकारात्मक मोड़ साबित होने वाला है। भले ही तात्कालिक रूप से फॉलोअर्स का घटना यूज़र्स के लिए निराशाजनक और मानसिक रूप से परेशान करने वाला हो सकता है, लेकिन यह कदम डिजिटल विज्ञापन बाजार और कंटेंट क्रिएशन में पारदर्शिता लाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यह साफ हो चुका है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया पर सफलता का पैमाना केवल खोखले नंबर नहीं, बल्कि समय, कड़ी मेहनत और सच्चे कंटेंट से मिलने वाली रियल ग्रोथ होगी। इंटरनेट की इस नई व्यवस्था में केवल वही क्रिएटर्स और ब्रांड्स लंबे समय तक टिक पाएंगे जो पूरी तरह सुरक्षित, स्मार्ट और प्रामाणिक (Real) बने रहेंगे।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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