ग्लोबल मार्केट में बजा भारत का डंका; स्मार्टफोन निर्यात में बनाया अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड
भारत ने साल 2025 में 30 अरब डॉलर के स्मार्टफोन निर्यात का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। PLI योजना के चलते एप्पल के आईफोन निर्यात में 85% की भारी उछाल देखी गई। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है और देश में बिकने वाले 99% फोन 'मेड इन इंडिया' हैं। जानिए इस 'मोबाइल क्रांति' के पीछे के मुख्य कारण और भविष्य की योजनाएं।

Apple iPhone Exports India : कभी मोबाइल फोन के बड़े आयातकों में शुमार होने वाला भारत आज दुनिया के लिए 'स्मार्टफोन फैक्ट्री' बनकर उभरा है। केंद्र सरकार की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना ने देश के विनिर्माण क्षेत्र में वह जादुई बदलाव लाया है, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन थी। साल 2025 के समापन के साथ ही भारत ने स्मार्टफोन निर्यात के मोर्चे पर 30 अरब डॉलर के ऐतिहासिक आंकड़े को छूकर वैश्विक बाजार में अपनी बादशाहत कायम कर दी है। यह न केवल एक आर्थिक आंकड़ा है, बल्कि 'मेक इन इंडिया' की वैश्विक स्वीकार्यता का सबसे बड़ा प्रमाण भी है।
निर्यात के आंकड़े: विकास की एक नई इबारत
ताजा आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि 2025 में हुआ यह निर्यात पिछले पांच वर्षों (2021-2025) के कुल निर्यात का लगभग 38 प्रतिशत है। इन पांच सालों में भारत ने कुल 79.03 अरब डॉलर के स्मार्टफोन विदेशी बाजारों में भेजे हैं।
- एप्पल का दबदबा: इस सफलता की सबसे बड़ी कहानी 'एप्पल' के इर्द-गिर्द बुनी गई है। कुल निर्यात का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा अकेले आईफोन का रहा।
- रिकॉर्ड बढ़त: 2025 में आईफोन का निर्यात 2 लाख करोड़ रुपये (लगभग 22 अरब डॉलर) से अधिक रहा, जो 2024 की तुलना में 85 प्रतिशत की विस्फोटक वृद्धि है।
- टाटा और फॉक्सकॉन की भूमिका: भारत में वर्तमान में एप्पल के पांच असेंबली प्लांट सक्रिय हैं, जिनमें से तीन का संचालन टाटा ग्रुप और दो का फॉक्सकॉन कर रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में महा-छलांग :
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस उपलब्धि को देश के लिए गौरव का क्षण बताया है। उनके अनुसार, साल 2025 में भारत का कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 4 लाख करोड़ रुपये की सीमा को पार कर गया है।
- उत्पादन का स्तर: वित्त वर्ष 2024-25 में देश के भीतर कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 11.3 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
- 99% स्वदेशी: आज भारत में बिकने वाले 99 प्रतिशत से अधिक मोबाइल फोन 'मेड इन इंडिया' हैं।
- भविष्य की रणनीति: स्मार्टफोन के लिए पीएलआई योजना मार्च 2026 में समाप्त होने वाली है, लेकिन उद्योग की सफलता को देखते हुए सरकार इसे विस्तार देने और नए नियमों के तहत अधिक लचीला बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
सेमीकंडक्टर और रोजगार के नए अवसर :
सरकार अब स्मार्टफोन असेंबली से आगे बढ़कर चिप निर्माण (सेमीकंडक्टर) पर ध्यान केंद्रित कर रही है। नए कारखानों की स्थापना से न केवल निर्यात के आंकड़ों में इजाफा होगा, बल्कि लाखों युवाओं के लिए उच्च-तकनीकी रोजगार के द्वार भी खुलेंगे। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश बनकर उभरा है, जो चीन के एकाधिकार को कड़ी चुनौती दे रहा है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
