India quantum technology initiative : भारत अब क्वांटम तकनीक में वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार हो रहा है। नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब ने गुरुवार को एक रोडमैप जारी किया है, जो भारत को दुनिया की अग्रणी क्वांटम शक्ति बनाने के स्पष्ट मार्गदर्शन के साथ सामने आया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्वांटम तकनीक आज के समय की सबसे परिवर्तनकारी तकनीकों में से एक बन चुकी है, जिसका प्रभाव स्वास्थ्य, वित्त, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, सामग्री विज्ञान और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर गहराई से पड़ेगा।

नीति आयोग ने स्पष्ट किया कि जो देश इस क्षण निर्णायक कदम उठाएंगे, वही भविष्य में कंप्यूटिंग, संचार और सेंसिंग के क्षेत्र में नेतृत्व करेंगे। भारत के लिए यह तकनीक केवल विज्ञान या प्रौद्योगिकी नहीं है, बल्कि यह देश की वैश्विक भूमिका को नया आकार देने का अवसर है। इसे अपनाकर भारत शुरुआत से ही वैश्विक नियमों का निर्माता बन सकता है, बजाय इसके कि बाद में केवल नियमों का पालन करे।

रोडमैप में राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत अनुसंधान, व्यावसायीकरण और क्वांटम इकोसिस्टम के विकास के लिए स्पष्ट कदम सुझाए गए हैं। इसमें भारत की वर्तमान स्थिति, क्षमताओं और प्रमुख कमियों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्यमियों, निवेशकों और राज्यों की साझा जिम्मेदारी को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया है, ताकि भारत एक भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी वैश्विक क्वांटम अर्थव्यवस्था बन सके।

तेलंगाना के आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने बताया कि क्वांटम कंप्यूटिंग जटिल समस्याओं को हल करने में सक्षम होगी, जैसे दवा खोज, जलवायु मॉडलिंग, राष्ट्रीय सुरक्षा और उन्नत सामग्री निर्माण। उन्होंने कहा कि दुनिया में क्वांटम निवेश तेजी से बढ़ रहा है और तेलंगाना इसके लिए गहरी शोध क्षमता और प्रतिभा विकास के साथ तैयार है।

नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. सारस्वत ने कहा कि भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य में क्वांटम तकनीक रणनीतिक प्रेरक शक्ति साबित होगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय क्वांटम मिशन ने शुरुआती प्रगति को गति दी है और यह रोडमैप वैश्विक स्तर के प्लेटफ़ॉर्म विकसित करने के लिए आवश्यक लक्ष्यों को रेखांकित करता है।

नीति आयोग के सीईओ बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने कहा कि आने वाले पाँच वर्ष तय करेंगे कि भारत क्वांटम तकनीक का आपूर्तिकर्ता बनेगा या केवल उपभोक्ता। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की प्रतिभा, इंजीनियरिंग क्षमता और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलाकर एक विश्वसनीय, प्रतिस्पर्धी और सुरक्षित क्वांटम भारत बनाया जा सकता है।

भारत के लिए यह रोडमैप केवल तकनीकी मार्गदर्शन नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व की दिशा में निर्णायक कदम है, जो देश की भविष्य की प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा दोनों के लिए अहम है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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