भारत के इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहन बाजार में मई 2026 में बड़ी छलांग दर्ज की गई है। FADA के अनुसार, बिक्री 81.2% बढ़कर 26,682 यूनिट तक पहुंच गई, जबकि पैठ 4.5% से बढ़कर 6.6% हो गई। कुल ईवी बिक्री भी 2.71 लाख यूनिट तक पहुंची। टाटा, महिंद्रा और अन्य कंपनियों ने मजबूत प्रदर्शन किया, जो ईवी सेक्टर की तेज़ रफ्तार को दर्शाता है।

भारत के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार ने मई 2026 में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए मजबूत वृद्धि का संकेत दिया है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की खुदरा बिक्री में साल-दर-साल 81.2 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। मई 2025 में जहां यह आंकड़ा 14,725 यूनिट था, वहीं मई 2026 में यह बढ़कर 26,682 यूनिट तक पहुंच गया। इस वृद्धि के साथ ही पैसेंजर वाहन श्रेणी में इलेक्ट्रिक वाहनों की पैठ भी 4.5 प्रतिशत से बढ़कर रिकॉर्ड 6.6 प्रतिशत हो गई है।

यह तेज़ वृद्धि भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बढ़ते प्रभाव और उपभोक्ताओं के बदलते रुझानों को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों ने पहली बार देश के कुल वाहन रिटेल बिक्री में 11 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी हासिल की है, जबकि कुल ईवी बिक्री 2.71 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है।

मई 2026 के दौरान इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहन सेगमेंट में प्रमुख कंपनियों का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा। टाटा मोटर्स ने 10,340 यूनिट की बिक्री के साथ बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखी, जिसमें 103.4 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने 6,210 यूनिट बेचकर 114.8 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि हासिल की। जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने 4,984 यूनिट की बिक्री दर्ज की, जबकि मारुति सुजुकी इंडिया ने 1,591 यूनिट और विनफास्ट ऑटो इंडिया ने 1,238 यूनिट की बिक्री की।

इस तेज़ विस्तार के पीछे कई प्रमुख कारण सामने आए हैं। बढ़ती ईंधन कीमतों ने उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित किया है, क्योंकि इनके संचालन की लागत अपेक्षाकृत कम है। इसके अलावा, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार ने रेंज संबंधी चिंताओं को काफी हद तक कम किया है। बाजार में विभिन्न मूल्य वर्गों में नए ईवी मॉडलों की उपलब्धता ने भी उपभोक्ता आधार को व्यापक बनाया है। साथ ही, पर्यावरणीय स्थिरता और स्वच्छ परिवहन के प्रति बढ़ती जागरूकता ने इस बदलाव को और गति प्रदान की है।

अन्य वाहन श्रेणियों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 62.8 प्रतिशत बढ़कर 1,70,733 यूनिट तक पहुंच गई, जबकि इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की बिक्री 71,867 यूनिट दर्ज की गई। वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भी तेजी देखी गई, जहां बिक्री दोगुनी से अधिक बढ़कर 2,400 यूनिट तक पहुंच गई।

समग्र रूप से यह आंकड़े भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में एक बड़े संरचनात्मक परिवर्तन की ओर संकेत करते हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता न केवल बाजार के विस्तार को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में भारत का परिवहन परिदृश्य तेजी से इलेक्ट्रिक और पर्यावरण-अनुकूल दिशा में आगे बढ़ सकता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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