मुंबई: भारतीय शेयर बाजार इस समय जहाँ वैश्विक आर्थिक संकेतों के कारण अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है, वहीं निवेशकों के लिए टेक्निकल एनालिस्ट मिलन वैष्णव और फोरम छेड़ा ने दो ऐसे प्रमुख क्षेत्रों की ओर इशारा किया है जिनमें भविष्य में शानदार वृद्धि की अपार संभावनाएँ निहित हैं। ये विशेषज्ञ न केवल मौजूदा बाजार की स्थिति का विश्लेषण कर रहे हैं, बल्कि निवेशकों को विशेष रूप से टेलीकॉम (Telecom) और ऑटो ईवी (Auto EV) सेक्टर के चुनिंदा शेयरों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दे रहे हैं।

टेलीकॉम सेक्टर: 5G और टैरिफ बढ़ोतरी का दोहरा इंजन

एनालिस्ट्स का मानना है कि टेलीकॉम सेक्टर मजबूत गति दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसके पीछे दो महत्वपूर्ण कारण हैं।

सबसे पहला कारण है 5G रोलआउट की आक्रामक गति। भारत में 5G इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे न केवल डेटा उपयोग में भारी वृद्धि होगी, बल्कि दूरसंचार कंपनियों के लिए नए राजस्व स्रोत भी खुलेंगे। 5G सेवाओं के बेहतर मॉनेटाइजेशन (monetization) से कंपनियों की आय में सुधार की उम्मीद है।

दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण है टैरिफ बढ़ोतरी की प्रबल संभावना। वर्षों से, भारत का टेलीकॉम उद्योग विश्व में सबसे कम डेटा दरों में से एक रहा है। अब, जैसे-जैसे कंपनियों पर 5G निवेश का दबाव बढ़ रहा है और बाजार में स्थिरता आ रही है, विश्लेषकों का मानना है कि टैरिफ में बढ़ोतरी अवश्यंभावी है। इस तरह की बढ़ोतरी का सीधा और सकारात्मक प्रभाव टेलीकॉम कंपनियों के प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (ARPU) और उनके मुनाफे पर पड़ेगा। वैष्णव और छेड़ा के अनुसार, ये दोनों कारक मिलकर टेलीकॉम सेक्टर को अल्पकालिक और मध्यमकालिक दोनों समय-सीमाओं में एक मजबूत निवेश विकल्प बनाते हैं।

ऑटो ईवी सेक्टर: क्रांति के पहिये और सरकारी समर्थन

टेलीकॉम के साथ, दूसरा सेक्टर जिस पर विश्लेषकों ने जोर दिया है, वह है ऑटो ईवी। यह क्षेत्र भारत में एक अभूतपूर्व तकनीकी बदलाव के मुहाने पर खड़ा है।

  • इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती मांग: शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ता अब पर्यावरण-अनुकूल और ईंधन-कुशल विकल्पों की तलाश कर रहे हैं, जिससे ईवी की मांग में जबरदस्त वृद्धि हुई है।
  • सरकारी नीतियों का समर्थन: केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना जैसी पहलें और FAME-II जैसी सब्सिडी योजनाएँ, ईवी विनिर्माण और अपनाने को बढ़ावा दे रही हैं। यह नीतिगत समर्थन इस सेक्टर की कंपनियों को एक स्थिर और विकासोन्मुख वातावरण प्रदान करता है।

एनालिस्ट्स का कहना है कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में यह तकनीकी बदलाव उन चुनिंदा स्टॉक के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करता है जो ईवी कंपोनेंट्स, बैटरी टेक्नोलॉजी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सक्रिय हैं। यह केवल पारंपरिक वाहन निर्माताओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरी ईवी सप्लाई चेन (EV Supply Chain) में निवेश के अवसर हैं।

निवेशकों के लिए:

मिलन वैष्णव और फोरम छेड़ा की यह साझा रणनीति बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच स्पष्टता प्रदान करती है। उनका तकनीकी विश्लेषण यह संकेत देता है कि जबकि व्यापक बाजार दबाव में हो सकता है, विकास की मजबूत थीम वाले ये दो सेक्टर आउटपरफॉर्म (outperform) कर सकते हैं। यह रिपोर्ट निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश है कि वे केवल हेडलाइन जोखिमों पर प्रतिक्रिया करने के बजाय, मजबूत मूलभूत और तकनीकी गति वाले क्षेत्रों में अवसर तलाशें। बाजार की नजर अब इन क्षेत्रों की कंपनियों के आगामी प्रदर्शन पर टिकी है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के भविष्य की वृद्धि को दर्शा सकते हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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