देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में 5G तकनीक के विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। केंद्रीय सरकार ने 100 नए 5G लैब्स की स्थापना की घोषणा की है, जो भारत में डिजिटल और तकनीकी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ये लैब्स छात्रों और शोधकर्ताओं को अत्याधुनिक नेटवर्क और परीक्षण सुविधाएं प्रदान करेंगी, जिससे नई तकनीकों के विकास और नवाचार को गति मिलेगी।

साथ ही, सरकार ने GatiShakti Sanchar पोर्टल और RoW (Right of Way) नियमों की शुरुआत की है। इन पहलों का उद्देश्य टेलीकॉम अवसंरचना की स्थापना और अनुमति प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है। RoW नियम विशेष रूप से सड़क और सार्वजनिक भूमि पर टेलीकॉम केबल और उपकरण स्थापित करने के लिए आवश्यक अनुमतियों को स्पष्ट करते हैं। इसके तहत संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया को त्वरित और केंद्रीकृत किया गया है।

GatiShakti Sanchar पोर्टल डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा, जहां टेलीकॉम कंपनियां और अन्य हितधारक एक ही स्थान पर सभी आवश्यक अनुमतियां और स्पष्टियाँ प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में टेलीकॉम अवसंरचना की त्वरित स्थापना में भी मदद मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस पोर्टल और RoW नियमों से 5G नेटवर्क की कवरेज और गुणवत्ता में सुधार आएगा और डिजिटल इंडिया की पहल को मजबूती मिलेगी।

सभी नए 5G लैब्स को देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक लैब उच्च स्तरीय उपकरणों और तकनीकी विशेषज्ञों से लैस होगी, ताकि शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव और नई तकनीकों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिल सके। इससे भारत में 5G तकनीक के प्रशिक्षण और अनुसंधान में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में देश की स्थिति मजबूत होगी।

केंद्रीय सरकार ने बताया कि यह पहल न केवल तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देगी, बल्कि स्मार्ट शहरों, ऑटोमेशन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और अन्य डिजिटल समाधानों के विकास को भी गति देगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के कदम से भारत के टेलीकॉम क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।

समापन में, यह कहा जा सकता है कि 100 5G लैब्स का निर्माण, GatiShakti Sanchar पोर्टल और RoW नियमों की शुरुआत, भारत को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल छात्रों और शोधकर्ताओं को लाभ मिलेगा, बल्कि पूरे देश में टेलीकॉम अवसंरचना की गति और दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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