इतालवी ऑटोमोबाइल निर्माता फेरारी ने अपनी 'आइकन' श्रृंखला के तहत बिना पारंपरिक विंडशील्ड वाली 12-सिलेंडर सिंगल-सीटर मोंज़ा एसपी1 हाइपरकार पेश की है।

Ferrari Monza SP1 : ऑटोमोबाइल की दुनिया में रफ्तार और विलासिता का एक ऐसा संगम हुआ है जिसने दुनिया भर के कार कलेक्टर्स और रईसों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। इतालवी ऑटोमोबाइल निर्माता फेरारी ने अपनी सबसे रेयर, अनोखी और खूबसूरत कारों में शुमार 'मोंज़ा एसपी1' (Ferrari Monza SP1) को पेश कर सुपरकार संस्कृति की परिभाषा को हमेशा के लिए बदल दिया है। यह कार फेरारी की विशेष 'Icona' (आइकन) श्रृंखला की पहली और सबसे अनूठी पेशकश है, जिसे 1950 के दशक की क्लासिक रेसिंग कारों, जैसे 166 एमएम, 750 मोंज़ा और 250 टेस्टारोसा की ऐतिहासिक विरासत से प्रेरित होकर तैयार किया गया है। अतीत की यादों को समेटे हुए इस कार का पूरा ढांचा और तकनीक पूरी तरह से आधुनिक, अत्याधुनिक और फ्यूचरिस्टिक है, जो इसे सिर्फ एक वाहन नहीं बल्कि पहियों पर चलता हुआ कला का एक उत्कृष्ट नमूना बनाती है।

इस कार की सबसे बड़ी और अनोखी विशेषता इसका सिंगल-सीटर स्पीडस्टर डिजाइन है। फेरारी मोंज़ा एसपी1 केवल एक सीटर कार है, जिसे विशेष रूप से केवल ड्राइवर के रोमांच के लिए निर्मित किया गया है। इसमें सह-यात्री (पैसेंजर) के बैठने के लिए कोई सीट नहीं होती है, बल्कि पैसेंजर वाली जगह को पूरी तरह से एक सुव्यवस्थित एयरोडायनामिक आवरण से कवर किया गया है ताकि कार का वजन न्यूनतम रहे। इस कार की डिजाइन में न तो कोई पारंपरिक छत है और न ही सामने का बड़ा शीशा यानी विंडशील्ड मौजूद है। बिना शीशे की कार होने के बावजूद तेज गति में ड्राइवर को असुविधा न हो, इसके लिए फेरारी ने एक विशेष पेटेंटेड तकनीक विकसित की है जिसे 'वर्चुअल विंडशील्ड' कहा जाता है। यह अनूठी प्रणाली ड्राइवर के इंस्ट्रूमेंट पैनल के आगे बने एक छोटे से एयर पैसेज के जरिए बोनट से आने वाली हवा को ऊपर की तरफ मोड़ देती है, जिससे ड्राइवर के सिर के ऊपर हवा का एक सुरक्षात्मक 'बबल' बन जाता है और तेज हवा सीधे चेहरे पर नहीं टकराती है। इसी उत्कृष्ट इंडस्ट्रियल डिजाइन के लिए फेरारी स्टाइलिंग सेंटर को प्रतिष्ठित 'कम्पासो डी'ओरो' पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।


परफॉर्मेंस और इंजन के मोर्चे पर यह कार एक वास्तविक पावरहाउस है जो फेरारी की प्रसिद्ध 812 सुपरफास्ट के प्लेटफॉर्म पर आधारित है। मोंज़ा एसपी1 में फेरारी का अब तक का सबसे दमदार 6.5-लीटर, नेचुरली एस्पिरेटेड वी12 इंजन दिया गया है, जो 8,500 आरपीएम पर 799 हॉर्सपावर (810 पीएस) की अविश्वसनीय ताकत और 7,000 आरपीएम पर 719 न्यूटन मीटर का टॉर्क पैदा करता है। इस विशाल शक्ति को संभालने के लिए इसमें 7-स्पीड एफ1 डुअल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया है जो रियर व्हील ड्राइव सिस्टम पर काम करता है। पूरी बॉडी को हल्के और बेहद मजबूत कार्बन फाइबर कंपोजिट से बनाए जाने के कारण इस कार का कुल वजन महज 1,500 किलोग्राम है। इसी हल्के वजन और शक्तिशाली इंजन की बदौलत यह हाइपरकार मात्र 2.9 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है, जबकि 200 किमी/घंटा की गति तक पहुंचने में इसे सिर्फ 7.9 सेकंड का समय लगता है। इसकी शीर्ष गति 300 किमी/घंटा से भी अधिक आंकी गई है।


यदि इस कार की व्यावसायिक उपलब्धता और कानूनी पहलुओं की बात करें, तो मोंज़ा एसपी1 को सीधे शोरूम में जाकर नहीं खरीदा जा सकता है। फेरारी ने मोंज़ा एसपी1 और इसके दो सीटों वाले संस्करण एसपी2 को मिलाकर पूरी दुनिया के लिए सिर्फ 499 यूनिट्स का ही सीमित उत्पादन किया था, जिसका निर्माण अब पूरी तरह से बंद हो चुका है। फेरारी ने इन कारों को अपनी सख्त आधिकारिक नीति के तहत केवल अपने सबसे वफादार ग्राहकों, पुराने खरीदारों और बड़े कलेक्टर्स को खुद आमंत्रित करके ही बेचा था, जिसके लिए मूल बेस कीमत 1.58 मिलियन यूरो तय की गई थी। बिना किसी टैक्स और इम्पोर्ट ड्यूटी के भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 15 से 16 करोड़ रुपये बैठती है, लेकिन यदि कोई इसे भारत में आधिकारिक तौर पर इम्पोर्ट करना चाहे, तो भारी कस्टम ड्यूटी और स्थानीय करों के जुड़ने के बाद इसकी विधिक कीमत 35 से 40 करोड़ रुपये के पार पहुंच जाती है।


वर्तमान समय में यह कार केवल वैश्विक रीसेल मार्केट, विशिष्ट लग्जरी कार डीलर्स या फिर 'आरएम सोथबी' जैसे प्रतिष्ठित कार ऑक्शन्स (नीलामी) के जरिए ही हासिल की जा सकती है। कलेक्टर्स आइटम का दर्जा मिलने के कारण इंटरनेशनल मार्केट में इसकी रीसेल वैल्यू इसकी वास्तविक लॉन्चिंग कीमत से भी कहीं अधिक हो चुकी है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय रीसेल बाजारों में 2021 मॉडल की यूरोपीय स्पेसिफिकेशन वाली 12-सिलेंडर हाइपरकार लगभग 1,29,99,000 एईडी (यूएई दिर्हम) की भारी-भरकम कीमत पर सूचीबद्ध देखी गई हैं। यह ऐतिहासिक कार रोजाना की आम सड़कों पर चलने के लिए नहीं, बल्कि निजी रेस ट्रैक्स पर रफ्तार का असली रोमांच महसूस करने और दुनिया के चुनिंदा रईसों के गैराज की शोभा बढ़ाने वाला एक बेहद दुर्लभ रत्न है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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