GST कटौती के बीच भारत में EV बिक्री ने दर्ज किया स्थिर उछाल, जानें नवंबर 2025 आंकड़े
नवंबर 2025 में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 63% की तेज़ वृद्धि दर्ज की गई, जो 14,700 यूनिट तक पहुंची। बावजूद इसके, ईवी की बाज़ार हिस्सेदारी केवल 3.7% रही। जीएसटी कटौती से ICE वाहनों की मांग बढ़ी, पर ईवी बाजार ने स्थिर बढ़त के संकेत दिए।

इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री
भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में नवंबर का महीना एक दिलचस्प मोड़ लेकर आया। जहां एक ओर इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर बाज़ार में इनकी कुल हिस्सेदारी अब भी सीमित दिखाई देती है। आंकड़े बता रहे हैं कि बदलते उपभोक्ता रुझानों और कर संरचना में किए गए हालिया सुधारों के बीच भारत का ईवी बाजार एक नई कहानी लिख रहा है धीमी लेकिन स्थिर प्रगति की कहानी।
नवंबर 2025 में देश भर में इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की बिक्री में वर्ष-दर-वर्ष 63 प्रतिशत की तेज़ बढ़त दर्ज की गई, जो कुल मिलाकर करीब 14,700 यूनिट तक पहुंच गई। दूसरी रिपोर्ट में यह आंकड़ा 14,739 ईवी रजिस्ट्रेशन का सामने आया, जिसे लगभग 61 प्रतिशत की वृद्धि के बराबर माना गया। यह उछाल ऐसे समय में आया जब ऑटो उद्योग परिदृश्य पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों की ओर असामान्य रूप से झुकता हुआ दिख रहा था।
विशेषज्ञों के अनुसार यह बिक्री उछाल कई वजहों का परिणाम है। सबसे महत्वपूर्ण कारक रहा हाल ही में आंतरिक दहन इंजन (ICE) वाहनों यानी पेट्रोल और डीजल कारों पर लगाए गए जीएसटी में कटौती। इस कर राहत ने पारंपरिक वाहनों को अधिक किफायती बना दिया, जिससे ईवी की तुलना में उनके प्रति ग्राहक आकर्षण बढ़ गया। इसके बावजूद इलेक्ट्रिक वाहनों ने जिस स्थिरता और गति से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई वह उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
हालांकि, इन प्रभावशाली प्रतिशत आंकड़ों के बावजूद बाजार की वास्तविक तस्वीर कुछ अलग है। नवंबर में कुल पैसेंजर-वहीकल रजिस्ट्रेशन में ईवी की हिस्सेदारी केवल 3.7 प्रतिशत रही। यह आंकड़ा यह स्पष्ट करता है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, परंतु कुल बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए ईवी उद्योग को अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में इस उछाल ने उद्योग जगत को नई उम्मीदें भी दी हैं। प्रमुख ईवी निर्माता कंपनियां अपनी रणनीतियों को और मजबूत करने में जुट गई हैं और नई तकनीक, अधिक दूरी तक चलने वाली बैटरियों तथा प्रतिस्पर्धी कीमतों पर आधारित मॉडल पेश करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। वहीं विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, बैटरी लागत में कमी और सब्सिडी सुधार जैसे क्षेत्रों पर निरंतर ध्यान देती रही, तो भारत का ईवी बाजार अगले कुछ वर्षों में कहीं अधिक परिपक्व रूप ले सकता है।
नवंबर की यह छलांग भारतीय ईवी उद्योग की क्षमता का संकेत मात्र है एक ऐसा संकेत जो बताता है कि बाजार भले ही धीमी रफ्तार से बढ़ रहा हो, लेकिन एक स्थायी और ऊर्जा-कुशल भविष्य की दिशा में भारत निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। ईवी बिक्री में यह बढ़त उद्योग और उपभोक्ताओं दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो यह भी दर्शाती है कि देश धीरे-धीरे, पर निश्चित रूप से, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के युग की ओर बढ़ रहा है।
- November 2025 EV sales 63 percent growthEV sales 14700 units India Novemberelectric vehicle market share 3.7 percent IndiaGST cut impact on EV vs ICE vehicles IndiaIndia electric passenger vehicle growth 2025India November 2025 electric car registrations 14739EV sales IndiaElectric VehiclesEV growthNovember 2025 EVEV market shareIndia EVTata EVEV trendElectric MobilityEV policyGST impact EVEV adoptionEV news IndiaEV registrationsSustainable TransportEV YoY growth data India 2025petrol diesel GST cut effect on electric cars Indiaelectric vehicle sales trend November 2025 IndiaEV market penetration after GST cut IndiaTata Motors EV sales share November 2025tata motors ev sales share november 2025ev adoption challenges in india 2025niti aayog ev policy impact analysis 2025bharat ke passenger vehicle market me ev sthitipratahkal newspratahkal daily

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
