digital safety initiative india : केंद्र सरकार की डिजिटल सुरक्षा पहल, संचार साथी ने इस वर्ष अक्टूबर में 50,000 से अधिक खोए और चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट्स को सफलतापूर्वक रिकवर किया है। यह उपलब्धि भारत में नागरिकों के डिजिटल एसेट्स की सुरक्षा और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन गवर्नेंस के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। अब तक देशभर में कुल रिकवरी आंकड़ा सात लाख से अधिक हो गया है।

आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक और तेलंगाना शीर्ष प्रदर्शनकारी रहे, जहां दोनों राज्यों में 1 लाख से अधिक डिवाइस वापस लाए गए। इसके बाद महाराष्ट्र 80,000 रिकवरी के साथ दूसरे स्थान पर रहा। जून से अक्टूबर 2025 के बीच मंथली रिकवरी में 47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो इस सिस्टम की बढ़ती क्षमता और पहुंच को दर्शाती है। आंकड़ों के अनुसार, देशभर में हर मिनट एक से अधिक मोबाइल डिवाइस रिकवर किए जा रहे हैं।

संचार साथी की सफलता का मूल कारण इसकी स्वदेशी तकनीक और उन्नत प्लेटफॉर्म है। ऑटोमेटेड वर्कफ्लो और रीयल-टाइम डिवाइस ट्रैसेबिलिटी की सुविधा के माध्यम से ब्लॉक किए गए मोबाइल का दुरुपयोग रोका जाता है। जब किसी रिपोर्ट किए गए हैंडसेट में सिम डाला जाता है, तो सिस्टम रजिस्टर्ड यूजर और संबंधित पुलिस स्टेशन दोनों को तुरंत अलर्ट भेजता है, जिससे त्वरित और कुशल रिकवरी संभव हो पाती है।

संचार मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे ‘संचार साथी’ ऐप डाउनलोड करें। इसके जरिए वे न केवल अपने खोए या चोरी हुए मोबाइल की रिपोर्ट कर सकते हैं और उन्हें ब्लॉक कर सकते हैं, बल्कि नए या पुराने डिवाइस खरीदने से पहले उनकी प्रामाणिकता की जांच भी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, ऐप के माध्यम से नागरिक फ्रॉड कॉल्स और मैसेज की शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।

इस उपलब्धि से स्पष्ट होता है कि भारत डिजिटल सुरक्षा में लगातार सुधार कर रहा है और नागरिकों के डिजिटल जीवन को सुरक्षित बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग प्रभावी ढंग से किया जा रहा है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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