धारावी रीडेवलपमेंट में होगा बड़ा बदलाव; जानें मेट्रो, ग्रीन स्पेस और ट्रांसपोर्ट हब का पूरा प्लान
मुंबई की धारावी बस्ती को दुनिया की सबसे बड़ी शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं में शामिल स्मार्ट सिटी में बदलने की तैयारी है। एचएसबीसी रिपोर्ट के अनुसार यहां 1.25 लाख नए घर, तीन मेट्रो स्टेशन, स्कूल, अस्पताल, हरित क्षेत्र, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब और पर्यावरणीय सुधार परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।

धारावी पुनर्विकास परियोजना से बदलेगी तस्वीर
मुंबई के हृदय में स्थित धारावी, जिसे लंबे समय से एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती के रूप में जाना जाता रहा है, अब एक ऐतिहासिक बदलाव की दहलीज पर खड़ा है। दुनिया की सबसे बड़ी शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं में शामिल धारावी पुनर्विकास योजना न केवल इस क्षेत्र की तस्वीर बदलने जा रही है, बल्कि यह भारत में समावेशी शहरी विकास का एक नया मॉडल भी प्रस्तुत कर सकती है। हाल ही में एचएसबीसी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आने वाले वर्षों में धारावी एक आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित हो सकता है, जहां अत्याधुनिक परिवहन व्यवस्था, हरित सार्वजनिक स्थल, आधुनिक आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा संस्थान मौजूद होंगे।
करीब 600 एकड़ क्षेत्र में फैली यह महत्वाकांक्षी परियोजना मुंबई के केंद्रीय हिस्से में संचालित की जा रही है। वर्तमान में धारावी में लगभग दस लाख से अधिक लोग निवास करते हैं और उनके पुनर्वास के लिए 1.25 लाख से अधिक नए आवासीय इकाइयों के निर्माण की योजना बनाई गई है। यह परियोजना केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पूरे क्षेत्र को आधुनिक शहरी ढांचे में बदलना है।
धारावी का महत्व केवल इसकी आबादी तक सीमित नहीं है। मुंबई के प्रमुख वित्तीय केंद्र बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के निकट स्थित यह इलाका वर्षों से हजारों छोटे और मध्यम उद्योगों का केंद्र रहा है। यहां चमड़ा उद्योग, मिट्टी के बर्तन निर्माण, पुनर्चक्रण गतिविधियां और खाद्य प्रसंस्करण जैसे अनेक व्यवसाय संचालित होते हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में धारावी पुनर्विकास को “समावेशी शहरी नवीनीकरण” का उदाहरण बताया है, जिसमें आवास, आधारभूत संरचना, पर्यावरणीय सुधार और आर्थिक विकास को एक साथ जोड़ा गया है।
परियोजना का कुल विकास क्षेत्र लगभग 225 मिलियन वर्ग फुट निर्धारित किया गया है। इसमें 95 मिलियन वर्ग फुट क्षेत्र पुनर्वास आवासों के लिए आरक्षित होगा, जबकि लगभग 130 मिलियन वर्ग फुट क्षेत्र का उपयोग मुक्त बिक्री वाले रियल एस्टेट विकास के लिए किया जाएगा। इस विशाल योजना को महाराष्ट्र सरकार और अडानी समूह के बीच सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत क्रियान्वित किया जा रहा है। परियोजना में महाराष्ट्र सरकार की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि अडानी समूह के नेतृत्व वाला कंसोर्टियम 80 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है।
पुनर्विकास योजना के अंतर्गत धारावी को एक आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित ढांचे में एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, तीन मेट्रो स्टेशन, बस डिपो, आधुनिक स्कूल, स्वास्थ्य सेवाओं से सुसज्जित अस्पताल, खेल केंद्र, हरित सार्वजनिक क्षेत्र और पैदल यात्रियों के लिए विशेष वॉकवे शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुविधाओं से न केवल क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि यहां रहने वाले लाखों लोगों के जीवन स्तर में भी व्यापक सुधार आएगा।
परियोजना का एक महत्वपूर्ण पक्ष पर्यावरणीय पुनर्स्थापन भी है। योजना के तहत मीठी नदी की सफाई और पुनर्जीवन, देवनार डंपिंग ग्राउंड के आसपास सुधार कार्य, छह किलोमीटर लंबे मैंग्रोव क्रीक क्षेत्र का विकास तथा मरीन ड्राइव की तर्ज पर नदी किनारे एक आकर्षक प्रोमेनेड का निर्माण प्रस्तावित है। इन पहलों का उद्देश्य केवल शहरी सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को भी बढ़ावा देना है।
एचएसबीसी के आकलन के अनुसार, पुनर्वास चरण को पूरा होने में लगभग सात से आठ वर्ष लग सकते हैं। परियोजना के तहत पहला आवासीय भवन दिसंबर 2026 तक सौंपे जाने की उम्मीद है, जबकि वित्त वर्ष 2027 के दौरान लगभग 30,000 आवासीय इकाइयों के निर्माण कार्य को गति देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
धारावी पुनर्विकास परियोजना केवल एक निर्माण योजना नहीं, बल्कि मुंबई के शहरी भविष्य को पुनर्परिभाषित करने का प्रयास है। यदि यह योजना निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार सफलतापूर्वक पूरी होती है, तो यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली शहरी परिवर्तन अभियानों में से एक बन सकती है। करोड़ों रुपये के निवेश, आधुनिक आधारभूत संरचना और व्यापक पुनर्वास प्रयासों के साथ यह परियोजना न केवल धारावी की पहचान बदलेगी, बल्कि भारत में शहरी विकास की दिशा को भी नई परिभाषा दे सकती है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
