अमेरिकी कांग्रेस की कई प्रमुख समितियों के ईमेल सिस्टम में कथित रूप से चीनी राज्य-समर्थित हैकिंग की खबर ने अमेरिका में राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक गलियारों में सनसनी मचा दी है। दिसंबर 2025 में पहचान की गई इस हैकिंग के अनुसार, “सॉल्ट टाइफून” नामक साइबर अभियान ने कांग्रेस कर्मचारियों के ईमेल सिस्टम में अनधिकृत पहुंच बनाई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि सांसदों के व्यक्तिगत ईमेल खाते तक हैकर्स ने पहुंच बनाई या नहीं।

रिपोर्टों के अनुसार, इस अभियान ने विशेष रूप से चार प्रमुख समितियों को निशाना बनाया। इनमें हाउस चाइना कमिटी, फॉरेन अफेयर्स कमिटी, इंटेलिजेंस कमिटी और आर्म्ड सर्विसेज कमिटी शामिल हैं। इन समितियों के कामकाज और संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाना साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

“सॉल्ट टाइफून” लंबे समय से चीनी खुफिया सेवा से जुड़े होने के आरोपों में रही है। इसे पूर्व में बड़े पैमाने पर अमेरिकी नागरिकों और सरकारी एजेंसियों की डेटा चोरी और निगरानी अभियानों से जोड़ा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अभियान का उद्देश्य अमेरिका की विदेश नीति, सैन्य और खुफिया रणनीतियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करना हो सकता है।

चीन की प्रतिक्रिया में कहा गया है कि ये आरोप “बिना आधार के हैं” और इसे राजनीतिक नफरत फैलाने वाला प्रयास बताया गया। चीनी सरकार ने स्पष्ट किया कि वह सभी प्रकार के साइबर हमलों के खिलाफ है और इन घटनाओं में किसी भी राज्य-संचालित हैकिंग का कोई प्रमाण नहीं है।

वहीं, अमेरिकी अधिकारियों और संबंधित समितियों ने अभी तक इस हैकिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। व्हाइट हाउस और एफबीआई की तरफ से बयान में कहा गया है कि जांच जारी है और किसी भी सार्वजनिक घोषणा से पहले सभी तथ्यों की पूर्ण जांच की जाएगी। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार की घटनाएं केवल संवेदनशील जानकारी की चोरी तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि इससे अमेरिकी संसद और राष्ट्रीय सुरक्षा पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है।

विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना अमेरिका और चीन के बीच साइबर क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तनाव को दर्शाती है। अमेरिका में कांग्रेस और सरकारी एजेंसियों के लिए यह चुनौती है कि वे अपने डिजिटल ढांचे को और अधिक सुरक्षित बनाएं और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा के लिए कड़े उपाय अपनाएं।

इस मामले ने यह भी उजागर किया है कि वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य में साइबर हमले न केवल सूचना तक सीमित हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक और कूटनीतिक संतुलन को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं के बढ़ने की संभावना है और इसे रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहयोग और कड़े नियमों की आवश्यकता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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