भारत की तकनीकी राजधानी बेंगलुरु ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। स्टार्टअप जीनोम द्वारा पेरिस में आयोजित विवाटेक सम्मेलन के दौरान जारी की गई ग्लोबल स्टार्टअप इकोसिस्टम रिपोर्ट (GSER) 2026 में बेंगलुरु-कर्नाटक को एशिया का दूसरा सर्वश्रेष्ठ AI-नेटिव स्टार्टअप क्लस्टर घोषित किया गया है। इस सूची में केवल चीन का बीजिंग ही बेंगलुरु से आगे है। यह उपलब्धि न केवल शहर की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है, बल्कि भारत की तेजी से उभरती कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अर्थव्यवस्था की वैश्विक स्वीकार्यता का भी प्रमाण है।

रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु दुनिया के शीर्ष स्टार्टअप इकोसिस्टम्स में 15वें स्थान पर है। हालांकि वर्ष 2025 में यह 14वें स्थान पर था, लेकिन 2026 में एक स्थान नीचे खिसकने के बावजूद इसकी समग्र क्षमता और प्रभाव में कोई बड़ी गिरावट दर्ज नहीं की गई। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यह बदलाव मुख्य रूप से रैंकिंग समायोजन का परिणाम है, न कि इकोसिस्टम की कमजोरी का।

एशियाई परिदृश्य में भी बेंगलुरु ने अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है। शहर को एशिया के शीर्ष छह स्टार्टअप इकोसिस्टम्स में स्थान मिला है, जबकि AI-नेटिव स्टार्टअप क्लस्टर्स की श्रेणी में यह दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों और स्टार्टअप्स में निवेश तेजी से बढ़ रहा है।

GSER 2026 के अनुसार, बेंगलुरु के स्टार्टअप इकोसिस्टम का कुल मूल्य लगभग 153 अरब डॉलर आंका गया है, जो इसे दुनिया के सबसे मूल्यवान स्टार्टअप केंद्रों में शामिल करता है। शहर में करीब 30 यूनिकॉर्न कंपनियां मौजूद हैं, जो वैश्विक औसत की तुलना में कहीं अधिक है। यह आंकड़ा बेंगलुरु की उद्यमशीलता क्षमता और निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि बेंगलुरु की सफलता के पीछे उसका तेजी से विकसित होता AI इकोसिस्टम सबसे बड़ा कारण है। शहर को AI-नेटिव प्रदर्शन के लिए 10 में से 8 अंक मिले हैं। यहां 600 से अधिक AI-नेटिव स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जो जनरेटिव AI, एंटरप्राइज AI, फिनटेक, हेल्थकेयर, साइबर सुरक्षा, मैन्युफैक्चरिंग और क्लाइमेट-टेक जैसे विविध क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। रिपोर्ट में AI स्टार्टअप गतिविधियों, प्रतिभा की उपलब्धता, शोध उत्पादन, नवाचार अवसंरचना और बड़े पैमाने पर AI-फर्स्ट कंपनियां विकसित करने की क्षमता को मूल्यांकन का आधार बनाया गया।

शोध और विकास के क्षेत्र में भी बेंगलुरु ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। GSER 2026 ने शहर को R&D इंजन श्रेणी में 10 में से 9 अंक प्रदान किए हैं। इसके पीछे मजबूत इंजीनियरिंग प्रतिभा, गहरा डीप-टेक रिसर्च इकोसिस्टम, स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग तथा वैश्विक तकनीकी कंपनियों की सक्रिय भागीदारी को प्रमुख कारण माना गया है। उभरती और अत्याधुनिक तकनीकों में बढ़ता निवेश भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

वित्तीय प्रदर्शन के मोर्चे पर भी बेंगलुरु ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2021 से 2025 के बीच यहां के स्टार्टअप्स ने लगभग 39 अरब डॉलर का वेंचर कैपिटल निवेश आकर्षित किया, जबकि इसी अवधि में करीब 46 अरब डॉलर के एग्जिट्स दर्ज किए गए। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि बेंगलुरु एशिया के सबसे सक्रिय और निवेश आकर्षित करने वाले स्टार्टअप केंद्रों में से एक बना हुआ है।

हालांकि रिपोर्ट ने कुछ चुनौतियों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया है। इनमें सिलिकॉन वैली जैसे परिपक्व इकोसिस्टम्स की तुलना में अनुभवयुक्त प्रतिभाओं की कमी, वैश्विक मानकों की तुलना में अपेक्षाकृत कम इंजीनियरिंग वेतन, बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय एग्जिट्स और बौद्धिक संपदा (IP) निर्माण की आवश्यकता तथा चीन, सिंगापुर और मध्य-पूर्व के तेजी से उभरते स्टार्टअप हब्स से बढ़ती प्रतिस्पर्धा शामिल हैं।

इसके बावजूद GSER 2026 की यह रैंकिंग स्पष्ट संकेत देती है कि बेंगलुरु अब केवल भारत का IT आउटसोर्सिंग केंद्र नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक AI और डीप-टेक नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। एशिया में बीजिंग के बाद दूसरा सबसे बड़ा AI-नेटिव स्टार्टअप क्लस्टर बनना भारत के तकनीकी भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विकास की संभावनाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकेत देती है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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