ऑटोमोबाइल बाजार में डिजिटल उछाल ; GST कम होते ही चारपहिया वाहन की खोजों में तेजी
त्योहारी सीजन से पहले देशभर में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की ऑनलाइन खोजों में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। नए जीएसटी ढांचे और उपभोक्ता आत्मविश्वास में सुधार से आने वाले महीनों में बिक्री में बड़ी उछाल की संभावना जताई जा रही है।

इलेक्ट्रिक वाहन
भारत का ऑटोमोबाइल बाजार इस समय मजबूत डिजिटल उछाल का अनुभव कर रहा है। त्योहारी सीजन से पहले दोपहिया और चारपहिया वाहनों की ऑनलाइन खोजों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जस्टडायल की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, यह वृद्धि महामारी से पहले देखे गए स्तरों के बराबर है, जिसका मुख्य कारण हाल में हुई जीएसटी दरों में कमी और उपभोक्ताओं का बढ़ा हुआ भरोसा है।उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यह रुझान बाजार में व्यापक सुधार का संकेत है। पहले जो उपभोक्ता खर्च करने से झिझक रहे थे, अब वे ऑनलाइन विभिन्न खरीद विकल्पों की खोज कर रहे हैं।
खासकर महानगरों में, जहां क्रय क्षमता बढ़ी है और ऋण लेने का आत्मविश्वास लौटा है, वहां खरीद गतिविधियां तेज हो गई हैं। जुलाई के मध्य से अगस्त 2025 और सितंबर से अक्टूबर 2025 के बीच के तुलनात्मक आंकड़ों में पाया गया कि देशभर में दोपहिया वाहनों की खोजों में 306 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि चारपहिया वाहनों की खोजें 193 प्रतिशत बढ़ीं। यह बढ़ोतरी सीधे हाल में लागू किए गए जीएसटी ढांचे से जुड़ी हुई है।
नई टैक्स दरों के अनुसार, 1,200 सीसी तक के पेट्रोल या 1,500 सीसी तक के डीजल इंजन वाली और 4 मीटर से छोटी कारों पर अब केवल 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा, जो पहले 28 प्रतिशत था। वहीं, बड़ी गाड़ियों जैसे प्रीमियम एसयूवी और सेडान पर 40 प्रतिशत की समान दर तय की गई है। इससे छोटी कारें आम लोगों के लिए किफायती हो गई हैं और कॉम्पैक्ट एसयूवी व प्रीमियम कारों में भी नए उत्साह का माहौल बन गया है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि उपभोक्ता अब सिर्फ सस्ते विकल्प नहीं ढूंढ रहे, बल्कि बेहतर सुविधाओं की ओर बढ़ रहे हैं। कई खरीदार अपने वाहन वर्ग को अपग्रेड कर रहे हैं—हैचबैक से एसयूवी की ओर बढ़ रहे हैं और इलेक्ट्रिक वाहनों में रुचि दिखा रहे हैं। बेहतर सड़कों, बढ़ती आमदनी और सरकारी नीतियों के सहयोग ने उपभोक्ताओं को निर्णय लेने में मदद की है। ऑटोमोबाइल शोरूम और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने बताया कि अब खरीदार एडवांस फीचर्स जैसे एडीएएस सिस्टम, सनरूफ, डिजिटल डैशबोर्ड और हाइब्रिड इंजन वाली गाड़ियों की तलाश कर रहे हैं।
अब उपभोक्ताओं के लिए मूल्य का अर्थ केवल कीमत से नहीं, बल्कि फीचर्स से भी जुड़ गया है। देश के बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी वाहन खोजों का यह उछाल स्पष्ट दिख रहा है। उद्योग जगत का मानना है कि आने वाली तिमाही में बिक्री के आंकड़े पिछले दो वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकते हैं। यदि यह रुझान बरकरार रहता है, तो भारत का ऑटोमोबाइल क्षेत्र नई वृद्धि की दिशा में कदम बढ़ा सकता है, तकनीकी नवाचार, नीतिगत राहत और बदलती उपभोक्ता प्राथमिकताओं के साथ।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
