एयर इंडिया का मास्टर प्लान; 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल से वैश्विक एविएशन हब बनेगा भारत
कैंपबेल विल्सन के अनुसार यह मॉडल भारत को ग्लोबल एविएशन हब बनाने और टायर-2 व टायर-3 शहरों की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी सुधारने में मदद करेगा।

भारतीय आसमान में उड़ान भरता विमान
Air India Hub and Spoke Model : भारतीय विमानन क्षेत्र एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है जहाँ से देश की वैश्विक पहचान पूरी तरह बदलने वाली है। एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल को भारतीय एविएशन सेक्टर के लिए एक गेम-चेंजर या "बड़ा बदलाव" करार दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रेरित यह पहल न केवल भारत को एक वैश्विक विमानन केंद्र (Global Aviation Hub) के रूप में स्थापित करेगी, बल्कि देश के एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के अधिकतम उपयोग का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। इस मॉडल का मूल उद्देश्य भारत को अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात का मुख्य पड़ाव बनाना है, जिससे विदेशी यात्रियों और घरेलू कनेक्टिविटी को एक ही सूत्र में पिरोया जा सके।
इस रणनीतिक बदलाव के तहत एयर इंडिया ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी जैसे सांस्कृतिक केंद्रों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। कंपनी का मानना है कि इस मॉडल से टायर-2 और टायर-3 शहरों के यात्रियों को सीधे तौर पर वैश्विक कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। एयर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी पी. बालाजी के अनुसार, यह व्यवस्था मेट्रो शहरों के एकाधिकार को कम करते हुए छोटे शहरों के नागरिकों के लिए विदेश यात्रा को सुलभ और किफायती बनाएगी। वर्तमान में एक बड़ी चुनौती यह है कि लगभग 35 प्रतिशत भारतीय यात्री अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दुबई, लंदन या सिंगापुर जैसे विदेशी ट्रांजिट हब पर निर्भर हैं। सरकार का लक्ष्य इस निर्भरता को खत्म कर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों को दुनिया के बेहतरीन ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करना है।
सरकारी स्तर पर इस परियोजना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू स्वयं दिल्ली एयरपोर्ट पर इस मॉडल की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। इस पहल का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता पर भी पड़ेगा क्योंकि जब भारत खुद एक एविएशन हब बनेगा, तो विदेशी मुद्रा का प्रवाह और रोजगार के अवसर देश के भीतर ही सृजित होंगे। यह मॉडल केवल हवाई जहाजों की आवाजाही तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की कनेक्टिविटी और वैश्विक पहुंच को एक नए स्तर पर ले जाने की दिशा में उठाया गया सबसे बड़ा कदम है। आने वाले समय में, यह मॉडल वैश्विक एयर ट्रैफिक को भारत की ओर मोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाएगा, जिससे भारतीय विमानन उद्योग का स्वर्णिम युग शुरू होने की उम्मीद है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
