भारत में 5G सेवाओं का विस्तार जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, उसने वैश्विक तकनीकी जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एरिक्सन मोबिलिटी रिपोर्ट के नवंबर 2025 संस्करण में सामने आए नए आँकड़े बताते हैं कि देश 2031 के अंत तक 1 अरब 5G सब्सक्रिप्शन का रिकॉर्ड तोड़ आंकड़ा पार कर सकता है। यह अनुमान भारत को दुनिया के सबसे तेज़ी से विकसित होते 5G बाज़ारों में शीर्ष स्थान पर ला खड़ा करता है, जहाँ अकेले 2031 तक 5G पेनिट्रेशन दर 79 प्रतिशत तक पहुँचने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक भारत में 5G उपयोगकर्ताओं की संख्या 394 मिलियन तक पहुँचने का अनुमान है, जो देश के कुल मोबाइल सब्सक्राइबर्स का लगभग एक-तिहाई होगा। यह वृद्धि इस बात की पुष्टि करती है कि भारत डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की ओर जिस गति से बढ़ रहा है, वह अभूतपूर्व है। एरिक्सन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन बंसल के अनुसार, भारत मोबाइल डेटा उपयोग में दुनिया का अग्रणी बना हुआ है, जहाँ एक औसत स्मार्टफोन यूजर प्रति माह 36 GB डेटा खपत कर रहा है। यह आंकड़ा 2031 तक बढ़कर 65 GB प्रति माह तक पहुंच सकता है।

बंसल का कहना है कि फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस यानी 5G FWA उपकरण और भारी डेटा उपयोग भारत में 5G ट्रैफिक को तेजी से बढ़ा रहे हैं। वैश्विक स्तर पर भी 5G की मांग उसी दिशा में बढ़ रही है। रिपोर्ट का अनुमान है कि 2031 तक दुनिया भर में 5G सब्सक्रिप्शन की संख्या 6.4 अरब को पार कर जाएगी, जो कुल मोबाइल सब्सक्रिप्शन का दो-तिहाई से अधिक भाग होगा। सिर्फ 2025 में ही वैश्विक 5G सब्सक्रिप्शन में 600 मिलियन की वृद्धि दर्ज होने की संभावना जताई गई है, जो नेटवर्क विस्तार और तेज़ी से बढ़ रही मांग को दर्शाता है।

पिछले एक वर्ष के दौरान मोबाइल नेटवर्क डेटा ट्रैफिक में वैश्विक स्तर पर 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें भारत और चीन का योगदान सबसे अधिक रहा। अनुमान है कि 2025 तक 5G नेटवर्क कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक का 43 प्रतिशत संभालेंगे, जो 2031 तक बढ़कर 83 प्रतिशत तक पहुँच सकता है।

फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस भी तेजी से डिजिटल इकोसिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2031 तक 1.4 अरब FWA सब्सक्रिप्शन दर्ज किए जा सकते हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत 5G नेटवर्क पर आधारित होंगे। वर्तमान में विश्व भर में 159 सेवा प्रदाता पहले ही 5G-आधारित FWA सेवाएँ दे रहे हैं, जो वैश्विक FWA बाजार के लगभग 65 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।

भारत में 5G इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार न केवल टेलीकॉम सेक्टर को नई दिशा दे रहा है, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के भविष्य को भी मजबूत बना रहा है। अगर रिपोर्ट के अनुमान सही साबित होते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारत 5G उपयोग और नेटवर्क क्षमता विस्तार में वैश्विक नेतृत्व की ओर निर्णायक कदम बढ़ा चुका होगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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