10,300 करोड़ का IndiaAI Mission : 38 हजार GPUs के साथ भारत की वैश्विक AI नेतृत्व की निर्णायक तैयारी
IndiaAI Mission के तहत सरकार ने 10,300 करोड़ रुपये का बजट तय कर 38,000 GPUs की तैनाती की है। इसका लक्ष्य आत्मनिर्भर AI इकोसिस्टम बनाना, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और भारत को वैश्विक AI नेतृत्व की ओर ले जाना है, जिससे ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को मजबूती मिले।

india government ai policy and budget : भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। केंद्र सरकार ने ‘IndiaAI Mission’ के तहत अगले पांच वर्षों के लिए 10,300 करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित कर देश को वैश्विक AI शक्ति बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिए हैं। इस मिशन के अंतर्गत अब तक लगभग 38,000 GPUs की तैनाती की जा चुकी है, जिसका उद्देश्य भारत में एक मजबूत, आत्मनिर्भर और समावेशी AI इकोसिस्टम का निर्माण करना है।
सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल का फोकस केवल अत्याधुनिक कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में ही AI मॉडल विकसित करने, स्टार्टअप्स को तकनीकी और वित्तीय सहयोग देने तथा आम नागरिकों तक AI तकनीक की पहुंच सुनिश्चित करने पर भी है। खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और शासन जैसे अहम क्षेत्रों में AI के प्रयोग से इसके व्यावहारिक और सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं, जिससे नीतिगत निर्णयों और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।
सरकारी वक्तव्यों के अनुसार, IndiaAI Mission के साथ-साथ Digital ShramSetu और फाउंडेशनल मॉडल डेवलपमेंट जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि तकनीकी नवाचार केवल चुनिंदा संस्थानों तक सीमित न रहे, बल्कि शोध, स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता को बढ़ावा देते हुए समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। इन पहलों का उद्देश्य भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी है।
वर्तमान में भारत में करीब 60 लाख लोग टेक और AI सेक्टर में कार्यरत हैं और भारतीय टेक उद्योग की वार्षिक आमदनी इस वर्ष 280 अरब डॉलर से अधिक रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों के मुताबिक, 2035 तक AI भारत की अर्थव्यवस्था में लगभग 1.7 ट्रिलियन डॉलर का योगदान दे सकता है, जो देश की विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
भारत में इस समय 1,800 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स सक्रिय हैं, जिनमें 500 से ज्यादा केंद्र AI पर केंद्रित हैं। देश में स्टार्टअप्स की संख्या 1.8 लाख के पार पहुंच चुकी है और पिछले वर्ष शुरू हुए करीब 89 प्रतिशत नए स्टार्टअप्स ने अपने उत्पादों और सेवाओं में AI तकनीक को शामिल किया है। यह रुझान भारत के नवाचार तंत्र की बढ़ती परिपक्वता को दर्शाता है।
NASSCOM के AI Adoption Index में भारत को 4 में से 2.45 अंक प्राप्त हुए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि लगभग 87 प्रतिशत कंपनियां सक्रिय रूप से AI समाधान अपना रही हैं। इंडस्ट्रियल, ऑटोमोबाइल, रिटेल, बैंकिंग, बीमा और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर AI को सबसे तेजी से अपनाने वालों में शामिल हैं। एक हालिया सर्वे के अनुसार, करीब 26 प्रतिशत भारतीय कंपनियां बड़े पैमाने पर AI अपनाने की परिपक्व अवस्था में पहुंच चुकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की 2025 Global AI Vibrancy रिपोर्ट में भारत को वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा में तीसरा स्थान मिला है। सरकार का मानना है कि IndiaAI Mission और उससे जुड़े कार्यक्रम न केवल भारत को वैश्विक AI लीडर बनाने की मजबूत नींव रख रहे हैं, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने में भी अहम भूमिका निभाएंगे।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
