राजस्थान रॉयल्स की टीम में शामिल होते ही 19 वर्षीय यश राज पुंजा ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। लंबा कद, ऊंचा रिलीज़ पॉइंट और तेज़ रफ्तार से टर्न लेने वाली गेंदें उन्हें बाकी स्पिनरों से अलग बनाती हैं। आईपीएल 2026 की नीलामी में 30 लाख रुपये में खरीदे गए इस युवा लेग स्पिनर को लेकर सबसे बड़ी चर्चा यह है कि अगर उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है, तो वह यूएई से आईपीएल खेलने वाले पहले खिलाड़ी बन सकते हैं। उनकी गेंदबाजी में मौजूद धार और विविधता ने उन्हें पहले ही ‘मिस्ट्री स्पिनर’ की पहचान दिला दी है।

यश पुंजा की कहानी केवल प्रतिभा की नहीं, बल्कि एक बड़े फैसले और समर्पण की भी है। अबू धाबी में पले-बढ़े यश ने कैम्ब्रिज हाई स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की। उनके बड़े भाई योद्धिन, जो यूएई के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं, ने उनके करियर को नई दिशा दी। शुरुआत में तेज गेंदबाज रहे यश को भाई की सलाह पर लेग स्पिन की ओर मुड़ना पड़ा, और यही बदलाव आगे चलकर उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

साल 2023 में 12वीं की परीक्षा खत्म होने के बाद यश के सामने जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ आया। एक ओर डॉक्टर बनने के लिए यूके जाने का विकल्प था, तो दूसरी ओर क्रिकेट में पूरा करियर बनाने का सपना। उन्होंने जोखिम उठाते हुए क्रिकेट को चुना और बेंगलुरु का रुख किया, जहां उन्हें ज्यादा प्रतिस्पर्धी माहौल में खुद को निखारने का मौका मिला। यही फैसला उनके भविष्य की नींव बन गया।

उनकी किस्मत ने उस वक्त करवट ली जब वह बेंगलुरु में राहुल द्रविड़ की अकादमी में अभ्यास कर रहे थे। संयोग से उसी दौरान राजस्थान रॉयल्स का ट्रेनिंग कैंप भी वहीं चल रहा था। एक शाम टीम के कोच ने उन्हें नेट्स में कुछ गेंदें डालने का मौका दिया। यश ने इस मौके को दोनों हाथों से लपकते हुए अपनी घातक गुगली और तेज टर्न से सभी को प्रभावित कर दिया। कुछ गेंदों का यह छोटा सा मौका चार दिन के कैंप में बदल गया और यहीं से उनका नाम फ्रेंचाइज़ी की नजरों में आ गया।

इसके बाद यश ने बेंगलुरु में ही खुद को पूरी तरह क्रिकेट के लिए समर्पित कर दिया और लगभग ढाई साल तक कड़ी ट्रेनिंग की। 2025 में महाराजा ट्रॉफी में हबली टाइगर्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 11 मैचों में 23 विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनकी ऊंचाई से मिलने वाली अतिरिक्त उछाल और चकमा देने वाली गुगली ने बल्लेबाजों के लिए उन्हें पढ़ना मुश्किल बना दिया। यही प्रदर्शन उन्हें आईपीएल जैसे बड़े मंच तक ले आया।

अब राजस्थान रॉयल्स की स्पिन आक्रमण में शामिल होकर यश पुंजा अपने करियर के सबसे बड़े मंच पर खड़े हैं। रवि बिश्नोई और रविंद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ टीम में रहकर वह न केवल सीखने का मौका पाएंगे, बल्कि मिडिल ओवर्स में मैच का रुख बदलने की क्षमता भी रखते हैं। यूएई के स्थानीय मैदानों से शुरू हुई यह यात्रा अब आईपीएल के वैश्विक मंच तक पहुंच चुकी है, और अगर उन्हें मौका मिलता है, तो वह इतिहास रचने के साथ-साथ अपनी पहचान एक मैच विनर के रूप में स्थापित करने के लिए तैयार हैं।

Pratahkal Newsroom

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