भारतीय क्रिकेट में कई कहानियां ऐसी हैं जो संघर्ष, आलोचना और वापसी के इर्द-गिर्द घूमती हैं, और Yash Dayal की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। इंडियन प्रीमियर लीग में उनके नाम ने पहले एक दर्दनाक याद के कारण सुर्खियां बटोरीं, लेकिन उसी मंच पर उन्होंने अपनी मेहनत और जज़्बे से खुद को फिर साबित कर दिया। एक समय जहां उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, वहीं बाद में उन्होंने निर्णायक मौकों पर अपनी गेंदबाज़ी से टीम को जीत दिलाकर अपनी पहचान को फिर से मजबूत किया।

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से आने वाले इस बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ ने घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन के दम पर पहचान बनाई। साल 2018 में विजय हजारे ट्रॉफी में लिस्ट-ए डेब्यू करने के बाद उन्होंने उसी वर्ष रणजी ट्रॉफी में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कदम रखा और फरवरी 2019 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के जरिए टी20 प्रारूप में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। शुरुआती दौर में उनकी स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ ने चयनकर्ताओं और फ्रेंचाइज़ी टीमों का ध्यान खींचा, जिससे उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा।

आईपीएल 2022 की नीलामी में उन्हें Gujarat Titans ने 3.2 करोड़ रुपये में खरीदा, जो एक अनकैप्ड खिलाड़ी के लिए बड़ी रकम मानी गई। उसी सीजन में उन्होंने 11 मैचों में 9 विकेट लेकर टीम की खिताबी जीत में योगदान दिया। हालांकि 2023 का सीजन उनके लिए बेहद कठिन रहा, जब Rinku Singh ने एक मैच के आखिरी ओवर में लगातार पांच छक्के लगाकर उनसे 29 रन छीन लिए। उस मुकाबले में 4 ओवर में 69 रन देना आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे स्पेल्स में से एक रहा, जिसके बाद उन्हें टीम से रिलीज कर दिया गया।

लेकिन यही वह मोड़ था जहां से उनकी असली परीक्षा शुरू हुई। 2024 की नीलामी में Royal Challengers Bengaluru ने उन्हें 5 करोड़ रुपये में अपने साथ जोड़ा और दयाल ने इस भरोसे को सही साबित किया। उन्होंने 13 मैचों में 15 विकेट लेकर टीम के प्रमुख गेंदबाज़ के रूप में उभरकर सामने आए। इसी सीजन में Chennai Super Kings के खिलाफ आखिरी ओवर में 17 रन बचाते हुए MS Dhoni का अहम विकेट लेकर उन्होंने मैच जिताया और टीम को प्लेऑफ में पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाई। यह पल उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जिसने उन्हें आलोचना से निकालकर हीरो बना दिया।

उनके लगातार प्रदर्शन का असर यह हुआ कि 2024 में उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ के लिए भारतीय टीम में पहली बार बुलावा मिला। इसके बाद 2025 के आईपीएल सीजन में भी उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखा, जिससे वह टीम की योजनाओं का अहम हिस्सा बने रहे। हालांकि जुलाई 2025 में एक गंभीर कानूनी मामले के चलते उन पर आरोप लगे और 2026 आईपीएल से प्रतिबंधित कर दिया गया, जिससे उनके करियर पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए।

यश दयाल की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि उतार-चढ़ाव, आलोचना और वापसी की मिसाल है। उन्होंने दिखाया कि असफलता अंत नहीं होती, बल्कि एक नई शुरुआत का मौका भी हो सकती है। मैदान पर उनकी स्विंग और साहस ने उन्हें एक ऐसा नाम बना दिया है, जिसे भारतीय क्रिकेट लंबे समय तक याद रखेगा।

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Pratahkal Newsroom

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