भारतीय U18 महिला हॉकी टीम ने कोरिया को किया क्लीन स्वीप ; एशिया कप 2026 में जीता ब्रोंज मेडल
भारतीय U18 महिला हॉकी टीम ने महिला U18 एशिया कप 2026 में दक्षिण कोरिया को 3–0 से हराकर कांस्य पदक जीता। काकामिगाहारा, जापान में खेले गए इस मुकाबले में संदीपा कुमारी, कप्तान स्वीटी कुजूर और नूसहीन नाज़ ने गोल किए। PM नरेंद्र मोदी ने टीम को बधाई दी और महिला हॉकी की बढ़ती ताकत पर प्रकाश डाला।

भारत ने दक्षिण कोरिया को हराकर जीता कांस्य पदक
जापान के काकामिगाहारा में खेले गए महिला U18 एशिया कप 2026 के कांस्य पदक मुकाबले में भारतीय U18 महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया को 3–0 से हराकर प्रतियोगिता का समापन पोडियम पर किया। पूरे टूर्नामेंट में संघर्ष, रणनीति और आक्रामक खेल का परिचय देने वाली भारतीय टीम ने तीसरे स्थान के मुकाबले में शुरू से ही अपना दबदबा बनाए रखा और निर्णायक जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने न केवल कांस्य पदक अपने नाम किया, बल्कि एशियाई स्तर पर अपनी युवा महिला हॉकी प्रतिभा की मजबूत उपस्थिति भी दर्ज कराई।
मैच के बाद यह भी सामने आया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भारतीय टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। अपने संदेश में उन्होंने लिखा, “भारतीय महिला U18 हॉकी टीम को U18 एशिया कप 2026 में कांस्य पदक जीतने पर बधाई। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में असाधारण जुझारूपन दिखाया है। यह उपलब्धि भारत में महिला हॉकी की बढ़ती ताकत और खिलाड़ियों की अपार क्षमता को दर्शाती है। टीम को उनके आगामी प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ।”
Congratulations to the Indian Women’s U18 Hockey Team on securing the Bronze Medal at the U18 Asia Cup 2026. The team displayed remarkable grit throughout the tournament. This feat reflects the growing strength of women’s hockey in India and the immense potential of our players.… pic.twitter.com/098tYzdIqK
— Narendra Modi (@narendramodi) June 6, 2026
कांस्य पदक मुकाबले की शुरुआत से ही भारत ने आक्रामक रुख अपनाया और पहले ही मिनटों में मैच की दिशा तय कर दी। मुकाबले के दूसरे ही मिनट में संदीपा कुमारी ने शानदार गोल दागकर भारत को बढ़त दिलाई। यह शुरुआती सफलता भारतीय टीम के आत्मविश्वास को और मजबूत कर गई। इसके बाद 16वें मिनट में टीम की कप्तान स्वीटी कुजूर ने गोल कर भारत की बढ़त को 2–0 कर दिया। कप्तान के इस महत्वपूर्ण गोल ने मुकाबले पर भारतीय नियंत्रण को और अधिक मजबूत बना दिया और दक्षिण कोरिया को लगातार दबाव में रखा।
तीसरे क्वार्टर के बाद 33वें मिनट में नूसहीन नाज़ ने एक और महत्वपूर्ण गोल करते हुए भारत की बढ़त को 3–0 तक पहुँचा दिया और मुकाबले को पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने बेहद अनुशासित खेल दिखाते हुए कोरिया को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और अंत तक बढ़त को सुरक्षित रखा।
टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो संदीपा कुमारी ने शुरुआती मिनटों में ही टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई, जबकि कप्तान स्वीटी कुजूर ने मध्य क्षेत्र में संतुलन बनाए रखते हुए अहम गोल किया। वहीं नूसहीन नाज़ पूरे टूर्नामेंट में भारत की प्रमुख खिलाड़ियों में से एक रहीं, जिन्होंने मलेशिया समेत अन्य मुकाबलों में भी निर्णायक प्रदर्शन किया।
भारत का टूर्नामेंट सफर भी बेहद प्रभावशाली रहा। ग्रुप स्टेज में भारतीय टीम ने अजेय रहते हुए अपने पूल में शीर्ष स्थान हासिल किया। इस दौरान भारत ने सिंगापुर को 25–0 जैसे बड़े अंतर से हराकर अपनी आक्रामक क्षमता का प्रदर्शन किया, जबकि मलेशिया के खिलाफ 2–1 की कड़ी जीत दर्ज की। सेमीफाइनल में भारत का सामना चीन से हुआ, जहां मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। निर्धारित समय तक स्कोर 2–2 की बराबरी पर रहा, लेकिन शूटआउट में भारत को 1–3 से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में नूसहीन नाज़ और किरण एक्का ने भारत के लिए गोल किए, लेकिन टीम फाइनल में जगह बनाने से चूक गई।
सेमीफाइनल की निराशा के बाद भारतीय टीम ने कांस्य पदक मुकाबले में जबरदस्त वापसी की और कोरिया के खिलाफ पूरी तरह नियंत्रित खेल दिखाते हुए मैच अपने नाम कर लिया। यह जीत न केवल पदक के रूप में महत्वपूर्ण रही, बल्कि टीम की मानसिक मजबूती और सामरिक संतुलन को भी दर्शाती है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
